श्रमण धारा प्रवचन माला
भगवान की भक्ति मनोकामना से नहीं निष्काम भाव से करना चाहिए।
जैन समाज राघौगढ़ में चातुर्मास कलश स्थापना का निमंत्रण पत्र विधायक जयवर्धन सिंह को भेंट किया
राघौगढ़ । महा तपस्वी बुंदेली कवि मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने आज राघौगढ़ में मंगल प्रवचन करते हुए मंदिर में भगवान की घंटों पूजा करने वाले पुजारियों को यह संदेश दिया कि मंदिर में भक्ति भाव से भगवान की पूजा करें। भगवान की पूजा मनोकामना से करना यह भिखारी का लक्षण है। आपने कहा आज स्थिति यह हो गई है कि मंदिर के बाहर गरीब भिखारी भिक्षा वृद्धि करते हैं मंदिर के अंदर अमीर पुजारी भगवान के सामने भिक्षावृत्ति करते हैं। मुनि श्री ने उदाहरण देते हुए कहा एक बार भारत के राष्ट्रपति जेल में पहुंचे, चुने हुए चार कैदियों से उनकी मांगे सुनी, पहले ने कहा भोजन ठीक नहीं मिल रहा है, दूसरे ने कहा मेरा कंबल फटा हुआ है, तीसरे ने कहा स्नान घर में नल की टोटी टूटी हुई है। चौथे ने कहा मैं निर्दोष हूं। मेरे प्रकरण की समीक्षा कर मुझे जेल से मुक्त करा दीजिये।आपने कहा भारत के राष्ट्रपति जैसे महामहिम के समक्ष भोजन ठीक नहीं है, कंबल फटा हुआ है, नल की टोटी ठीक नहीं है, मांगना क्या उचित है। उन सब में सबसे बुद्धिमान चौथ कैदी था जिसने रिहाई की मांग की और रिहा हो गया। न्यायालय से छूटने के बाद उसे अपने घर में यह सब सुविधा मिल गई। इस घटना से यह सीख मिलती है कि भगवान सर्वव्यापी हैं सर्वज्ञ हैं उनके समक्ष छोटी-छोटी पारिवारिक समस्याओं की याचना करना अनुचित है। मांगना ही है तो भगवान के सामने यह याचना करें कि जैसे आप संसार छोड़कर तपस्या कर मोक्ष पधार गए। ऐसे ही यह सांसारिक बंधन मेरे भी छूट जाये। मुनिराज ने कहा छोटा लक्ष्य बनाना अपराध है बड़े आदमी से छोटी चीज मांगना बड़े आदमी की बेइज्जती है भगवान का सच्चा भक्त वह है जो परेशान रही नहीं सकता अपने प्रेरणा दी विकारी नहीं पुजारी बन प्रवचन सभा में मनीष सरमन सागर जी महाराज ने कविता पूजने के साथ जूझना भी जरूरी है सुने
राघोगढ़ में चातुर्मास कर रहे मुनिश्रमण सागर जी मनी ओंकार सागर जी महाराज की भाव मंगल चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम शक्ल दिगंबर जैन समाज राघोगढ़ द्वारा आगामी 9 अगस्त रविवार को आयोजित किया जा रहा है जैन समाज राघोगढ़ के शिष्य मंडल ने जैन समाज राघोगढ़ के सब अध्यक्ष सिंघाई अशोक कुमार भरत के नेतृत्व में आयोजन का निमंत्रण पत्र लोकप्रिय विधायक श्री जयवर्धन सिंह को भेंट किया इस अवसर पर पेमेंट पर कार्ड के पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
