कलेक्टर की अध्यक्षता में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, खाद्य एवं नापतौल विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक संपन्न
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने गुरुवार को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा नापतौल विभाग सहित विभिन्न विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर योजनाओं की प्रगति, किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने की दिशा में आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों तक आधुनिक तकनीक, मौसम संबंधी जानकारी और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचे, वहीं जिले में मिलावट करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कृषकों तक पहुंचे मौसम, उर्वरक और तकनीकी जानकारी
बैठक की शुरुआत कृषि विभाग की समीक्षा से हुई। इस दौरान मूंग एवं उड़द उपार्जन पंजीयन की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को मौसम पूर्वानुमान, उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा दामिनी, मेघदूत एवं मौसम ऐप जैसे मोबाइल एप की जानकारी व्यापक स्तर पर दी जाए, ताकि वे मौसम संबंधी सूचनाओं का समय पर उपयोग कर सकें। उन्होंने कृषि ऋण वितरण में भी सुलभता लाने तथा इसकी प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए।
गुलाब खेती और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में गुलाब उत्पादन, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। विभाग ने बताया कि किसानों को गुलाब खेती सहित विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नियमित रूप से सेमिनार, कार्यशालाएं एवं प्रशिक्षण आयोजित कर किसानों को आधुनिक खेती, गुलाब उत्पादन, सब्जी उत्पादन और नई तकनीक की जानकारी दी जाए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
पशुपालन आय का मजबूत आधार, बेहतर नस्लों की जानकारी दें
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू) के माध्यम से घर-घर पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए टोल फ्री नंबर 1962 पर सेवा बुक की जा सकती है। बैठक में टीकाकरण, किसान क्रेडिट कार्ड, कृत्रिम गर्भाधान, आचार्य विद्यासागर योजना एवं कामधेनु योजना की भी जानकारी प्रस्तुत की गई।
कृत्रिम गर्भाधान की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों और मैदानी अमले को कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रगति में सुधार नहीं होने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि पशुपालन किसानों की नियमित आय का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्राकृतिक आपदा अथवा मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी यह आय का स्थायी स्रोत बना रहता है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि अधिक दूध देने वाली उन्नत नस्लों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए तथा उन्हें वैज्ञानिक पशुपालन के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में विभाग ने बताया कि जिले में कई पशुपालक उन्नत नस्लों के पशुओं से अच्छा दुग्ध उत्पादन कर रहे हैं तथा कुछ किसान ऑर्गेनिक घी का उत्पादन भी कर रहे हैं।
गोशालाओं की प्रतिदिन रिपोर्ट होगी प्रस्तुत
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले की सभी गोशालाओं में प्रतिदिन पशुओं की उपस्थिति का सत्यापन कर उसकी रिपोर्ट प्रतिदिन शाम तक प्रस्तुत की जाए।
मिलावट करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा नापतौल विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावट करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के विरुद्ध कठोर प्रकरण दर्ज किए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस प्रकार के मामलों में प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे सहित संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
