फतेहगढ़ थानांतर्गत चक चुरेला की बहुचर्चित चोरी प्रकरण में गुना पुलिस की सतत एवं प्रभावी कार्यवाही
*प्रकरण में फरार एक और आरोपी गिरफ्तार, शेष फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार सक्रिय*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी एवं योजनाबद्ध कार्यवाही की जा रही है । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के सतत पर्यवेक्षण में फतेहगढ़ थाना पुलिस एवं सहयोगी पुलिस टीमों ने ग्राम चक चुरेला में हुई बहुचर्चित चोरी के प्रकरण में सक्रियता पूर्वक कार्यवाही करते हुए फरार एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 02-03 अगस्त 2026 की रात्रि में फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चक चुरेला निवासी श्री बाबूलाल मीना के घर में अज्ञात बदमाशों द्वारा चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था । बदमाश घर में रखी तिजोरी चोरी कर ले गए थे, जिसमें बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी रखी थी । इसके साथ ही घर से एक मोटरसाइकिल भी चोरी की गई थी । घटना के संबंध में फतेहगढ़ थाने में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 175/26, धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी ।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा तत्काल पुलिस टीमों को सक्रिय कर आरोपियों की पतारसी एवं चोरी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए थे । पुलिस टीमों द्वारा वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के सूक्ष्म विश्लेषण, गहन पूछताछ, मजबूत मुखबिर तंत्र तथा लगातार किए गए फील्ड ऑपरेशन के माध्यम से प्रकरण में संलिप्त आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की जाकर दिनांक 08 अगस्त 2026 को प्रकरण में संलिप्त दो आरोपियों राजू पारदी एवं गजानंद पारदी, निवासीगण ग्राम कनेरा, थाना धरनावदा, जिला गुना को गिरफ्तार कर लिया गया था । गिरफ्तार आरोपियों की निशादेही पर पुलिस ने 985.150 ग्राम सोने के जेवरात, कुल कीमती लगभग 1,47,77,250/-रुपये के बरामद कर लिए गए थे ।
प्रकरण में संलिप्त शेष फरार सभी आरोपियों की पहचान सुनिश्चित कर उनकी लगातार तलाश की जा रही थी । इसी दौरान दिनांक 17 अगस्त 2026 को पुलिस टीम को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर त्वरित एवं सुनियोजित कार्यवाही करते हुए प्रकरण में फरार चल रहे एक और आरोपी चिकना उर्फ लक्की पुत्र रेवत पारदी, उम्र 22 साल, निवासी ग्राम कनेरा, थाना धरनावदा, जिला गुना को गिरफ्तार कर लिया गया ।
गिरफ्तार आरोपी से प्रकरण के संबंध में विस्तृत पूछताछ एवं चोरी गए माल की बरामदगी के उद्देश्य से पुलिस द्वारा उसे माननीय न्यायालय से 03 दिवस के पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया । रिमाण्ड के दौरान आरोपी की निशादेही पर पुलिस द्वारा चांदी का एक कड़ा एवं चांदी की एक पायल, कुल कीमत लगभग 26,000/-रुपये के जेवरात बरामद किए गए हैं । पूछताछ में आरोपी ने अपने हिस्से में आए चोरी के शेष माल को अपने भाई के पास होना बताया है, जो वर्तमान में फरार है ।
चक चुरेला की इस बहुचर्चित चोरी के प्रकरण में गुना पुलिस की लगातार प्रभावी कार्यवाही के परिणामस्वरूप अब तक करीब 1.48 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए जा चुके हैं । प्रकरण में शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी एवं चोरी गई शेष संपत्ति की बरामदगी के लिए पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी है । गुना पुलिस की इस सफल कार्यवाही में निम्न पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है :—
थाना फतेहगढ़ : थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अभिषेक तिवारी, सउनि नरेश शर्मा, सउनि दिलीप रघुवंशी, सउनि जसरथ दिवाकर, प्रधान आरक्षक सरनाम सिंह, प्रधान आरक्षक चंद्रसेन फाल्के, प्रधान आरक्षक विकास भार्गव, प्रधान आरक्षक हरिओम किरार, प्रधान आरक्षक प्रेम ग्वाल, प्रधान आरक्षक कांजराज बारेला, आरक्षक दीपक शर्मा, आरक्षक बृजेन्द्र कुशवाह, आरक्षक अजय लोधी, आरक्षक कुलदीप धाकड़, आरक्षक धीरेन्द्र बघेल, आरक्षक विवेक सिंह, आरक्षक विकास राठौर, आरक्षक नीरज शर्मा एवं आरक्षक हरिओम परमार।
थाना धरनावदा : थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रूहिल शर्मा, प्रधान आरक्षक दीपक तोमर, आरक्षक रघुकुल मिश्रा, आरक्षक सतेंद्र गुर्जर, आरक्षक राकेश गुर्जर, आरक्षक विनीत लोधी, आरक्षक सोनू जाटव एवं आरक्षक आकाश किरार।
थाना राघौगढ़ : सउनि सीताराम धुर्वे, आरक्षक धीरेन्द्र गुर्जर, आरक्षक अमित जाट एवं आरक्षक धर्मेन्द्र रावत।
साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक कुलदीप भदौरिया, आरक्षक भूपेन्द्र खटीक एवं आरक्षक अभय रघुवंशी।
इस चुनौतीपूर्ण प्रकरण के खुलासे में पुलिस टीमों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग, मजबूत मुखबिर तंत्र, गहन पूछताछ एवं लगातार किए गए फील्ड ऑपरेशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । गुना पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है । जिले में अपराध नियंत्रण एवं आमजन की संपत्ति की सुरक्षा के लिए गुना पुलिस की सतत एवं प्रभावी वैधानिक कार्यवाही आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगी ।
