मधुसूदनगढ़ में एग्रीकल्चर बेस्ड इंडस्ट्री की अपार संभावनाएं : कलेक्टर श्री कन्याल
थाईपिंग अमरूद की खेती से किसान कमा रहे 8 से 10 लाख रुपये तक, कलेक्टर ने उन्नत कृषक के फार्म का किया निरीक्षण
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा है कि मधुसूदनगढ़ क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं और यहां एग्रीकल्चर बेस्ड इंडस्ट्री विकसित की जा सकती हैं। हमारा उद्देश्य है कि इस क्षेत्र में भी उद्योगों का विकास हो, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले। शनिवार को तहसील मधुसूदनगढ़ प्रवास के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने अमृतहरित महाअभियान में सहभागिता, निर्माणाधीन नगर परिषद भवन का निरीक्षण तथा उन्नत कृषक के फार्म का भ्रमण किया।
अमृतहरित महाअभियान में किया पौधारोपण
कलेक्टर श्री कन्याल ने ओवरब्रिज के समीप सिंचाई विभाग की भूमि पर आयोजित अमृतहरित महाअभियान कार्यक्रम में सहभागिता कर पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
नगर परिषद भवन का गुणवत्तापूर्ण एवं समयपूर्व निर्माण करने के निर्देश
इसके पश्चात कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्माणाधीन नगर परिषद मधुसूदनगढ़ भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को भवन का कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने और इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। निर्धारित समय-सीमा से पहले कार्य पूर्ण हो जाए तो यह और भी अच्छा उदाहरण होगा। उन्होंने निर्माण एजेंसी से कहा कि किसी भी कार्य की सबसे बड़ी उपलब्धि यही होती है कि उसे गुणवत्ता के साथ समय से पहले पूरा किया जाए।
थाईपिंग अमरूद से हो रही लाखों रुपये की आय
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने उन्नत कृषक श्री गिरराज अग्रवाल के फार्म पर पहुंचकर थाईपिंग अमरूद के बगीचे का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसान से अमरूद की उन्नत खेती और उससे होने वाली आय के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि थाईपिंग अमरूद की खेती से कई किसान 8 से 10 लाख रुपये तक की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। जिले में हॉर्टीकल्चर के प्रति किसानों का काफी अच्छा रुझान देखने को मिल रहा है। खेती के पैटर्न में थोड़ा परिवर्तन कर किसान परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी एवं सब्जी उत्पादन से भी अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। कुछ किसान केवल सब्जी उत्पादन से ही लगभग 05 लाख रुपये वार्षिक तक का लाभ अर्जित कर रहे हैं।
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि इस प्रकार की फसलों की विशेषता यह है कि इनके पौधे अपेक्षाकृत कम समय में विकसित हो जाते हैं। यदि इन्हें व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से लगाया जाए तो कृषकों की आय में वृद्धि होगी। जिले में कई किसानों ने इस प्रकार के सफल मॉडल प्रस्तुत भी किए हैं।
इस दौरान एसडीएम राघौगढ श्री अमित सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
