निवेश का झांसा देकर लाखों रूपये गबन करने की आरोपिया जेल दाखिल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दुर्ग - स्व सहायता समूह में निवेश का झांसा देकर महिलाओं से लोन निकलवाकर रकम हड़पने वाली महिला को थिना जामुल पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उमनि विजय अग्रवाल ने बताया प्रार्थिया श्रीमती त्रिवेणी साहू निवासी कुरूद द्वारा थाना जामुल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि ग्राम कुरूद निवासी विद्या साहू द्वारा महिलाओं को स्व सहायता समूह में निवेश कर लाभ कमाने का लालच दिया गया। आरोपिया द्वारा महिलाओं से मुद्रा लोन एवं पर्सनल लोन निकलवाकर लोन की रकम स्वयं प्राप्त कर उपयोग की गई तथा हितग्राहियों के एटीएम कार्ड एवं बैंक पासबुक अपने पास रखे गये। प्रार्थिया के अनुसार इस प्रकार लगभग पंद्रह लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। शिकायत पर थाना जामुल में अपराध क्रमांक 592/2026 , धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये आरोपिया को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ एवं प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपिया द्वारा महिलाओं से लोन निकलवाकर रकम स्वयं प्राप्त कर खर्च करना बताया गया। आरोपिया के कब्जे से संबंधित दस्तावेज एवं कार्ड जप्त किये गये। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से थाना जामुल पुलिस ने आरोपिया को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।उक्त कार्यवाही में थाना जामुल में पदस्थ पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रकरण की विवेचना में शिकायत के तथ्यों का परीक्षण , आरोपिया की पतासाजी , घेराबंदी एवं आवश्यक दस्तावेजों की जप्ती की कार्यवाही की गई।
गिरफ्तार आरोपिया -
विद्या साहू उम्र 33 वर्ष निवासी - भाठापारा बाजार चौक ग्राम कुरूद , थाना - जामुल , जिला - दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
जप्त सामाग्री
लोन कार्ड , बैंक पासबुक , एटीएम कार्ड , मजदूर कार्ड और आधार कार्ड।
दुर्ग पुलिस की अपील -
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी स्व सहायता समूह , निवेश , लोन अथवा वित्तीय योजना में शामिल होने से पूर्व उसकी वैधता एवं संबंधित संस्था की जानकारी का सत्यापन अवश्य करें। अपने बैंक पासबुक , एटीएम कार्ड , आधार कार्ड अथवा अन्य वित्तीय दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को अनावश्यक रूप से ना सौंपें। किसी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल निकटतम थाना अथवा पुलिस को सूचना दें।
