मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से समय-सीमा में करें निराकरण – कलेक्टर
साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में लंबित पत्रों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान अंतर्गत आयोजित शिविरों में प्राप्त समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास करें। सभी अधिकारी जन-विश्वास शिविर के दिवस क्षेत्र में भ्रमण कर नागरिकों की समस्याओं को समझें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान हो तथा शासकीय कार्यों में अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित न रहें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्री कन्याल ने समय-सीमा बैठक के दौरान लंबित पत्रों की समीक्षा करते हुए दिए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान, अतिक्रमण, गौवंश व्यवस्था, नाप-तौल, ई-ऑफिस सहित विभिन्न विभागीय प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना उचित नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा, जनजातीय कार्य, राजस्व, पंचायत एवं कृषि विभाग सहित सभी विभाग शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग कर निराकरण की गति बढ़ाएं। उन्होंने नेशनल हाईवे पर प्रकाश व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पर्याप्त एवं सुचारू प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
अतिक्रमण पर करें कार्रवाई
कलेक्टर ने नगर पालिकाओं को अतिक्रमण की रोकथाम के लिए विशेष टीम गठित कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी-नालों के मार्ग एवं जल निकासी के रास्तों को अतिक्रमण से मुक्त करने आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नदी-नालों के आसपास निर्माण कार्यों में निर्धारित दूरी एवं संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नाप-तौल विभाग को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने नाप-तौल विभाग को निर्देश दिए कि कम मात्रा में सामग्री देने, गलत तौल करने अथवा उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बाजारों में नियमित जांच अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में सही सामग्री मिले। साथ ही एक्सपायरी डेट की वस्तुओं की बिक्री पर भी प्रभावी निगरानी रखते हुए कार्रवाई की जाए।
लंबित पत्रों एवं ई-ऑफिस की भी समीक्षा
बैठक में लंबित पत्रों की विभागवार समीक्षा की गई। भूमि आवंटन से संबंधित प्रकरणों पर भी चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने ई-ऑफिस व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने तथा सभी शासकीय पत्राचार एवं प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
