किसानों की खाद संबंधी समस्या का तत्काल हुआ समाधान
गुना
कृषक श्री मिथुन रघुवंशी एवं कृषक श्री दिनेश रघुवंशी, ग्राम पगारा द्वारा खाद के ई-टोकन बुक नहीं होने संबंधी समस्या से केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को अवगत कराया गया था। प्रकरण में उप संचालक कृषि द्वारा तत्काल जानकारी लेकर समस्या के निराकरण की कार्रवाई की गई।
उप संचालक कृषि द्वारा बताया गया कि कृषक श्री मिथुन रघुवंशी ग्राम दोषपुर सहकारी समिति के सदस्य हैं। उनके द्वारा आज 18 सितम्बर 2026 को ई-विकास पोर्टल के माध्यम से स्वयं एवं अपने पिता के नाम पर सहकारी समिति का ई-टोकन बुक कर लिया गया है। कृषक श्री मिथुन रघुवंशी द्वारा समस्या के निराकरण पर केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
जानकारी के अनुसार खरीफ सीजन 2026 में कृषक श्री मिथुन रघुवंशी द्वारा ई-विकास पोर्टल के माध्यम से स्वयं एवं अपने पिता के नाम पर 11 हेक्टेयर भूमि के लिए 35 बैग यूरिया एवं 24 बैग डीएपी खाद क्रय की गई थी। वहीं रबी सीजन 2026-27 के लिए आज 18 सितम्बर को उनके द्वारा 31 बैग डीएपी खाद का ई-टोकन बुक किया गया है।
इसी प्रकार कृषक श्री दिनेश रघुवंशी द्वारा खरीफ सीजन 2026 में ई-विकास पोर्टल के माध्यम से स्वयं एवं अपने पिता के नाम पर 10 हेक्टेयर भूमि के लिए 40 बैग यूरिया एवं 15 बैग एनपीके खाद क्रय की गई थी। दोनों कृषकों द्वारा रबी सीजन 2026-27 के लिए एनपीके खाद उपलब्ध होने के बावजूद डीएपी खाद के ई-टोकन बुक किए जा रहे थे।
जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक
गुना जिले में उर्वरक की उपलब्धता के संबंध में कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष 01 अप्रैल 2025 से 16 सितम्बर 2025 तक कुल 73,115 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसके विरुद्ध इस वर्ष 01 अप्रैल 2026 से 16 सितम्बर 2026 तक 64,631 मैट्रिक टन यूरिया का भण्डारण किया जा चुका है, जिसमें से 54,922 मैट्रिक टन किसानों को विक्रय किया जा चुका है तथा 9,709 मैट्रिक टन यूरिया जिले में शेष उपलब्ध है।
इसी प्रकार गत वर्ष उक्त अवधि में 16,672 मैट्रिक टन डीएपी एवं एनपीके का वितरण हुआ था, जबकि इस वर्ष उक्त अवधि में 23,271 मैट्रिक टन डीएपी एवं एनपीके का भण्डारण किया जा चुका है। इसमें से 14,377 मैट्रिक टन किसानों को विक्रय किया गया है तथा 8,893 मैट्रिक टन डीएपी एवं एनपीके जिले में शेष उपलब्ध है।
95 हजार से अधिक किसानों को ई-विकास प्रणाली से मिला उर्वरक
ई-विकास प्रणाली के माध्यम से 16 सितम्बर 2026 तक जिले के 95,382 किसानों को 1,42,828 टोकन के माध्यम से 3,34,874 हेक्टेयर भूमि के लिए कुल 63,703 मैट्रिक टन उर्वरक प्रदान किया जा चुका है।
वर्तमान में विपणन संघ के पास 10,084 मैट्रिक टन, जिला सहकारी बैंक के पास 1,657 मैट्रिक टन तथा निजी एवं अन्य संस्थाओं के पास 5,168 मैट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इस प्रकार जिले में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
