दिव्यांगजन स्वयं को कमजोर न समझें, कोशिश करें, आगे बड़े और जिले का गौरव बनें
- कलेक्टर श्री शर्मा
विश्व दिव्यांग दिवस पर आयोजित खेलकूद, चित्रकलां प्रतियोगिता में दिव्यांगजनों ने दिखाया अपना सामर्थ्य
अतिथियों ने दिव्यांगजनों को बांटे उपकरण
आगर-मालवा, 03 दिसम्बर/ दिव्यांगजन किसी से कम नहीं है, यह भाव हर दिव्यांग के मन में होना चाहिए। दिव्यांजन का जन्म एक विशेष प्रतिभा के साथ होता है। इसलिए दिव्यांगजन स्वयं को कमजोर न समझें, कोशिश करें, आगे बड़े और जिले का गौरव बनें। यह बात कलेक्टर श्री अवधेश शर्मा ने शुक्रवार को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर पुरानी कृषि उपज मंडी आगर में सामाजिक न्याय एवं निः शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा आयोजित जिला कार्यक्रम में दिव्यांगजनों का सम्बोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि कही। कलेक्टर ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम दिव्यांगों को विश्व दिव्यांग दिवस की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम 75 वें आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत आयोजित किया गया। जिसका शुभारम्भ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गोविंदसिंह बरखेड़ी ने की तथा कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सगर, जिला पंचायत अध्यक्ष कला बाई गुहाटिया, सीईओ जिला पंचायत दीतू सिंह रणदा, प्रभारी उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग एस कुमार, विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।
आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के सामर्थ्य प्रदर्शन हेतु खेल गतिविधियां, चित्रकलां, डांस सहित अन्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उड़ान स्कूल के दिव्यांग बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति दी। अलग-अलग प्रतियोगिताओं में भी दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में कलेक्टर ने आगे कहा कि टैलेंट किसी भी चीज का मोहताज नहीं होता है, शारीरिक अक्षमता होते हुए भी दिव्यांग बहुत अच्छा कार्य करते हैं। दिव्यांगजन आज अपनी प्रतिभाओं के दम पर हर क्षेत्र में आगे है। दिव्यांगजनों के जीवन को सुखमय पूर्ण बनाने हेतु भी शासन नित नए कार्य कर रही है। स्कूल, मंदिर, हॉस्पिटल अन्य सार्वजनिक जगह पर सरकार द्वारा उनके उतरने चढ़ने हेतु रैंप बनाए जा रहे, बसों में भी दिव्यांगजनों को किराए में छूट प्रदान की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनो की समस्याओं के निराकरण के लिए गांव-गांव में शिविर लगाकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यह हम सब की जवाबदारी है इन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह बरखेड़ी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि हमारे जिले में सामाजिक न्याय विभाग एवं प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता अनुसार शासन की योजना का लाभ दिया जा रहा है, जो की प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य रही है। दिव्यांगजनों के लिए भी अन्य योजना बनाकर संचालित की गई, जिसका आगे आकर लाभ लें।
कार्यक्रम को पुलिस अधीक्षक श्री सगर ने संबोधित करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रतिवर्ष 3 दिसंबर को दिव्यांग दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य है कि समाज के विकास मे सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो, जो दिव्यांग है उनकी विशेष आवश्यकता की पूर्ति कर समानता का माहौल सभी को मिलें। सरकार की मंशा है कि दिव्यांग जनों को समान अवसर मिले और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़कर समाज एवं देश के विकास में अपना योगदान दे पाये। कार्यक्रम की रूपरेखा सामाजिक न्याय विभाग के नीलेश झांसिया द्वारा रखी गई।
कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों द्वारा प्रतियोगिताओं में विजेता दिव्यांग बच्चों को उपहार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण का वितरण किया गया। मंच से अतिथियों ने 8 दिव्यांगजनो को ट्राईसिकल, 3 व्हील चेयर, 3 बहुविकलांग बच्चों को मिनी वॉकर, 5 को बैसाखी एवं 1 को ब्लाइंड स्टीक प्रदाय की। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक रजनीश स्वर्णकार एवं रीना शर्मा द्वारा किया गया एवं आभार प्रभारी उप संचालक सामाजिक न्याय पीओ डूडा एस कुमार ने माना ।
