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निचली अदालत में दोषसिद्धी के बाद लोक अदालत में हुआ राजीनामा



निचली अदालत में दोषसिद्धी के बाद लोक अदालत में हुआ राजीनामा

प्रधान जिला न्यायाधीश के विशेष प्रयासों से लोक अदालत में निराकृत हुआ प्रकरण

खरगोन -  गत 14 मई को जिले में नेशनल लोक अदालतों का आयोजन किया गया। आयोजित हुई लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मण्डलेश्वर डी.के. नागले की खण्डपीठ में एक मामले में परिवादी आशीष अरझरे द्वारा अभियुक्त मुकेश पिता स्व. गोपाल बाथवे के विरूद्ध धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करवाया गया था। इसके न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी कसरावद द्वारा 11 मार्च 22 को पारित निर्णयानुसार अभियुक्त मुकेश बाथवे को आरोपित अपराध में दोषी पाते हुए एक वर्ष का सश्रम करावास के दण्डादेश एवं 208000/- की प्रतिकर राशि का भुगतान परिवादी को किये जाने हेतु आदेशित किया गया था।

                इस निर्णय से व्यथित होकर अभियुक्त/अपीलार्थी मुकेश द्वारा प्रकरण की अपील माननीय अपीलीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। अपील में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के विशेष प्रयास से एवं खण्डपीठ सदस्य एवं उभयपक्ष के अधिवक्ताओं की समझाईश एवं सहयोग से अपीलार्थी एवं प्रत्यर्थी के मध्य आपसी सहमति से राजीनामा अनुसार राशि को दो समान किश्तों में आगामी माहों की पहली तारीख पर अपीलार्थी/अभियुक्त मुकेश द्वारा प्रत्यर्थी/परिवादी आशीष को अदा किये जाने पर समझौता करवाया गया तथा अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को अपास्त करते हुए अपीलार्थी/अभियुक्त मुकेश को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के अपराध के आरोप से दोषमुक्त किया गया। लोक अदालत में दोनों पक्षों को गले मिलवाया गया।

      विचारण न्यायालय के न्यायाधीश डी.के. नागले, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डलेश्वर, नरेन्द्र पटेल, अधिवक्ता अजय वर्मा ठाकुर तथा खण्डपीठ सदस्यों की उपस्थिति मे राजीनामा के परिणाम स्वरूप उपस्थित पक्षकारों को वृक्षारोपण हेतु पौधे भी प्रदान किये गये तथा अपने मन मुटाव को भुलाकर विवाद समाप्त करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी गई।

      इस प्रकार लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित न्याय प्राप्त हुआ, न्याय शुल्क की वापसी एवं समझौता परिव्यय राशि में भी छूट प्राप्त हुई। इस कारण दोनो पक्षो को लाभ हुआ।

 नेशनल लोक अदालत 14 मई को जिला न्यायालय, मण्डलेश्वर एवं तहसील न्यायालय बड़वाह, सनावद, भीकनगंाव, खरगोन, कसरावद एवं महेश्वर में आयोजित की गई। नेशनल लोक अदालत हेतु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डलेश्वर डी.के.नागले द्वारा कुल 25 न्यायालयीन खण्डपीठें प्रकरण निराकरण हेतु गठित की गई, जिनमें मुख्यालय मण्डलेश्वर में 05 तहसील न्यायालय खरगोन में 08, बड़वाह में 04 व सनावद में 02, कसरावद में 02, भीकनगंाव मंे 03 एवं महेश्वर में 01 खण्डपीठ गठित की गई, इसके अतिरिक्त जिले के समस्त न्यायाधीशों को उनके न्यायालय में लंबित विशेष संसूचित प्रकरणों तथा उनके थाने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अधिकारिता के संसूचित प्रकरणों की सुनवाई एवं निराकरण हेतु लोक अदालत के साथ विशेष बैठक कर प्रकरणों का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत में लंबित न्यायालयीन एवं विद्युत, जलकर, बैंक के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ।           

नेशनल लोक अदालत में निराकृत हुए प्रकरण

प्रीलिटिगेशन में 16719 रेफेर किये गए जिसमे से 425 प्रकरण निराकृत हुए, 11243052 रुपये राशि वसूल की गई तथा 585 व्यक्ति लाभान्वित हुए। वही न्यायालय में पेंडिंग प्रकरणों में 2127 रेफर किये गए जिसमे 346 प्रकरण निराकृत हुए, 26904046 रूपये राशि वसूल की गई तथा 835 व्यक्ति लाभान्वित हुए।





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