*पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के सशक्त एवं संवेदनशील नेतृत्व में अपहृत एवं गुम नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की निरंतर कार्यवाही*
गुना पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के के सशक्त, संवेदनशील एवं मानवीय नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित प्रकरणों को अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिनकी शीघ्र दस्तयाबी हेतु निरंतर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं डीएसपी मुख्यालय और प्रभारी एसडीओपी श्री जमीलउद्दीन सिद्दकी के पर्यवेक्षण में जामनेर थाना प्रभारी निरीक्षक अजय जाट तथा उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी की गुमशुदगी के मामले में सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए नाबालिग किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 08 फरवरी 2026 को एक पिता की ओर से अपनी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के दिनांक 07 फरवरी 2026 से लापता होने की रिपोर्ट जामनेर थाने पर दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 26/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर किशोरी की तलाश शुरू की गई ।
पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी द्वरा जिले में नाबालिगों से संबंधित मामलों में शीघ्र एवं संवेदनशील कार्यवाही हेतु लगातार दिए जा रहे निर्देशों के तहत पुलिस द्वारा अपहृत नाबालिग बालिका की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया साथ ही विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई जिससे संकलित सूचनाओं के आधार पर सभी संभावित जगहों पर किशोरी को खोजने के सघन प्रयास किए गए । अपहृता की तलाश के क्रम में गत दिनांक 15 मार्च 2026 को किशोरी के संबंध में पुलिस को जानकारी मिलने पर जामनेर थाना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
जामनेर थाना पुलिस की इस तत्पर और सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय जाट, सउनि राजकुमार रघुवंशी, प्रधान आरक्षक महेन्द्र मीणा, आरक्षक शिवकुमार निगम एवं महिला आरक्षक रश्मि सेन की सराहनीय भूमिका रही है ।
