*गुना पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के सशक्त एवं संवेदनशील नेतृत्व में गुना पुलिस का अपराधियों पर सख्त शिकंजा*
*नाबालिग बालिका का अपहरण कर उससे दुष्कर्म के मामले में पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही*
गुना पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के सशक्त एवं संवेदनशील नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों एवं महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधो को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए इन मामलों में त्वरित, सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में कैंट थाना पुलिस द्वारा एक नाबालिग बालिका का अपहरण कर उससे दुष्कर्म के गंभीर मामले में सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।
दिनांक 21 फरवरी 2026 को कैंट थाने पर एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 19 फरवरी 2026 को आरोपी विशाल पुत्र लालाराम कुशवाह, निवासी नानाखेडी, उसे घुमाने के बहाने अपने साथ शिवपुरी ले गया और उसकी मर्जी के बिना उसके साथ जबरदस्ती गलत काम (दुष्कर्म) किया, साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी । उक्त रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा आरोपी विशाल कुशवाह निवासी नानाखेडी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 110/26 धारा 137(2), 64(1), 64(2)(m), 65(1), 351(2) बीएनएस एवं 5L/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी द्वारा आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए और इस हेतु पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर सक्रिय की गईं । पुलिस टीमों द्वारा अपने मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करते हुए सभी संभावित स्थानों पर सघन दविशें दी गईं । इसमें पुलिस के अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप आज दिनांक 16 मार्च 2026 को आरोपी के संबंध में मुखबिर से प्राप्त पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा तत्पर और प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी विशाल पुत्र लालाराम उर्फ हरिशंकर कुशवाह उम्र 20 साल निवासी सिंधिया कालोनी, नानाखेडी, थाना कैंट, गुना को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया ।
गुना पुलिस की इस कार्यवाही में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक राजीव सेन, आरक्षक दामोदर, आरक्षक विनोद धाकड एवं आरक्षक सूर्यभान जाट की विशेष भूमिका रही है ।
