पुनर्घनत्वीकरण नीति 2022 अंतर्गत डीपीआर स्वीकृति हेतु जिला स्तरीय परियोजना समिति की बैठक संपन्न
गुना को मिलेगी नई पहचान, शासकीय निर्माण कार्य एवं अद्योसंरचना पर विस्तृत विचार विमर्श
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में पुनर्घनत्वीकरण नीति 2022 के अंतर्गत गुना शहर में प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए डीपीआर स्वीकृति हेतु जिला स्तरीय परियोजना समिति की बैठक का आयोजन जिला कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन, एसडीएम गुना श्रीमती शिवानी पाण्डे, सीएमओ गुना सुश्री मंजुषा खत्री सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में ए.बी. रोड स्थित तहसील कार्यालय परिसर, पुराना कलेक्ट्रेट परिसर तथा पी.डब्ल्यू.डी. रेस्ट हाउस (डाक बंगला) की भूमि पर पुनर्घनत्वीकरण योजना के प्रस्तावों सहित विभिन्न शासकीय कार्यालयों के निर्माण एवं अद्योसंरचना पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान प्रस्तुतिकरण (पीपीटी) के माध्यम से पुराना कलेक्ट्रेट कैंपस एवं सिविल लाइन क्षेत्र में प्रस्तावित शासकीय निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया गया। आर्किटेक्ट द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि गुना विकास योजना 2035 के अनुसार आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी ए.बी. रोड की प्रस्तावित चौड़ाई 40 मीटर निर्धारित है। उक्त मुख्य वाणिज्यिक मार्ग पर स्थित तहसील परिसर की 0.8317 हेक्टेयर एवं रेस्ट हाउस की 2.5726 हेक्टेयर भूमि में से 1.00 हेक्टेयर भूमि पुनर्विकास हेतु प्रस्तावित की गई है। प्रस्तावित क्षेत्र के दोनों ओर मुख्य नगरीय मार्ग उपलब्ध हैं तथा भूमि के उपांतरण के पश्चात इसका उपयोग वाणिज्यिक मद में किया जाएगा। समस्त विकास कार्य विकास योजना एवं भूमि विकास अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किए जाएंगे।
बैठक में कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देशित किया कि सभी शासकीय निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों में वर्षा जल संचयन (वॉटर हार्वेस्टिंग), सीवर लाइन, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा दिव्यांगजनों के लिए रैंप जैसी आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रस्तावित स्थलों का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि आगे की कार्यवाही समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जा सके। बैठक में निर्माण कार्यों एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
