जन्मजात विकृति से ग्रसित नवजात को मिली त्वरित सहायता
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) अंतर्गत जन्मजात विकृतियों से ग्रसित बच्चों को शासन द्वारा चिन्हित निजी अस्पतालों में निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसी क्रम में दिनांक 08 अप्रैल 2026 को जिला चिकित्सालय में ग्राम सिगाड़ी निवासी प्रीति पत्नी नवल यादव ने सामान्य प्रसव के माध्यम से एक बालिका को जन्म दिया। जन्म के समय चिकित्सकीय स्टाफ द्वारा नवजात शिशु की पीठ पर फोड़े जैसा उभार पाया गया, जिसे चिकित्सकीय भाषा में स्पाइना बिफिडा कहा जाता है।
स्थिति की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए शिशु को तत्काल जिला चिकित्सालय में स्थित डीईआईसी (District Early Intervention Centre) भेजा गया, जहाँ जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक विनीता सोनी द्वारा शिशु के माता-पिता को परामर्श देते हुए अवगत कराया गया कि यह जन्मजात विकृति उपचार योग्य है एवं इसका संपूर्ण उपचार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर द्वारा प्रकरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए एस्टीमेट के अनुसार ₹55,000/- (पचपन हजार रुपये) की सहायता राशि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत तत्काल स्वीकृत की गई।
नवजात शिशु का उपचार आगामी सोमवार को इंदौर स्थित शासन द्वारा चिन्हित निजी अस्पताल में किया जाएगा, जहाँ दो दिन की बालिका का ऑपरेशन किया जाना प्रस्तावित है।
