नरवाई जलाने वाले किसानों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए प्रकरण किये गये प्रेषित
विकासखण्ड बमोरी में 59 तथा आरोन में 27 कृषकों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज
ग्राम चौपाल लगाकर कृषकों को किया जा रहा है जागरूक
गुना,
जिले में फसल कटाई उपरांत किसानों द्वारा नरवाई/फसल अवशेष जलाने के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही कृषकों को चौपाल लगाकर नरवाई नही जलाने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन में श्री संजीव कुमार शर्मा उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विभाग जिला-गुना द्वारा अपने अधिनस्थ अमले के साथ, विकासखण्ड बमौरी के ग्राम-सिमरोद, अमरोद, भूराखेड़ी, गाकरखेड़ा में कृषक चौपाल/संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें उप संचालक कृषि द्वारा नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी दी, साथ ही नरवाई को खेत में मिलाकर तैयार किये जाने वाले खाद के बारे में बताया तथा इसके उपयोग एवं मिट्टी को मिलने वाले पोषक तत्वो के लाभ के विषय में जानकारी दी। वहीं ग्राम बालापुर विकास खंड आरोन में नरवाई नहीं जलाने के लिए कृषकों को चौपाल लगाकर जानकारी दी। इसी प्रकार ग्राम देवमढ़ी में चौपाल आयोजित कर किसानों को नरवाई नही जलाने की सलाह देकर नरवाई जलाने से होने वाले नुक़सान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और उन्हें जागरूक किया गया।
सेटेलाईट मॉनिटरिंग से प्राप्त जानकारी अनुसार विकासखण्ड-बमौरी के नरवाई जलाने वाले 59 किसानों के पंचनामा तैयार कर राशि 1,52,500/- रूपये तथा विकासखण्ड-आरोन में 27 किसानों पर 67,500/- रूपये की अर्थदण्ड लगाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रकरण भेजे गये। इसी क्रम में आज विकासखण्ड-गुना के ग्राम-पगारा में नरवाई जलने की प्राप्त घटना के आधार पर कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर निरीक्षण के दौरान नरवाई में आग लगी पाई जाने के कारण अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई।
कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाईयो से अपील की गयी है कि खेतो में फसल अवशेष न जलाये एवं फसल अवशेषो का कृषि यंत्रो के माध्यम से खेतो में मिलाकर मिट्टी की उर्वरा शक्ति तथा आर्गेनिक कार्बन की मात्रा को बढ़ाकर फसल का अधिक उत्पादन ले सकते हैं।
