भोली-भाली महिलाओं को झांसे में लेकर ठगी करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार
*शरीर में देवता आने और गृह शुद्धि के नाम पर करता था ठगी की वारदात*
*आरोपी बीनागंज में एक महिला को झांसे में लेकर उसके पहने हुए जेबर लेकर हुआ था फरार*
*आरोपी से पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे,*
*बीनागंज सहित कुम्भराज, राघौगढ़, व्यावरा, शिवपुरी में भी की गई इस प्रकार की कई वारदातें*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका के कुशल, सशक्त एवं संवेदनशील नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में ठगी, धोखाधड़ी जैसे आर्थिक अपराधों को गंभीरता से लेकर इन अपराधों में लगातार प्रभावी और सक्रिय कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में चांचौड़ा थाना पुलिस द्वारा एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 14 अप्रैल 2026 को एक महिला द्वारा चाचौड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि आज दोपहर के समय एक अज्ञात व्यक्ति स्कूटी पर उनके घर आया । उस समय वह घर पर अकेली थी । उस व्यक्ति ने स्वयं को उनका रिश्तेदार बताते हुए मकान उद्घाटन का निमंत्रण देने की बात कही और बातचीत के दौरान अन्य रिश्तेदारों का उल्लेख कर विश्वास जीत लिया । तत्पश्चात पानी मांगने के बहाने घर के अंदर प्रवेश कर गया । बातचीत के दौरान उसने स्वयं के शरी में देवता आना और पूजा-पाठ जानने वाला बताकर घर में परेशानियों एवं गृह क्लेश की बात कहकर भयभीत किया और फिर गृह शुद्धिकरण के नाम पर उसके पहने हुए सोने के आभूषण उतरवाकर ले लिए और उसे बातों में उलझाकर फरार हो गया । उक्त रिपोर्ट पर से चाचौड़ा थाने में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अप.क्र. 94/26 धारा 319(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संज्ञान में उक्त घटनाक्रम के आते ही उनके द्वारा घटना को गंभीरता से लिया और घटना के शीघ्र खुलाशा हेतु तत्काल एक विशेष टीम गठित कर सक्रिय की गई । पुलिस टीम द्वारा प्रकरण में गहन जांच की गई, इस दौरान पुलिस की अलगटीमों द्वारा बीनागंज, राघौगढ़, आरोन, व्यावरा सहित आसपास के जिलों में कई जगहों पर पैट्रोल पंप, टोलनाके, होटल, बस स्टेण्ड आदि महत्वपूर्ण स्थानों के सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले गए । साथ ही जांच में सामने आया कि बीनागंज में घटित घटना की तरह ही इस प्रकार की घटनाएं दिसम्बर 2025 में कुम्भराज क्षेत्र में तथा लगभग एक माह पूर्व राजगढ़ जिले के व्यावरा में भी घटित हुई थीं ।
जांच के दौरान पुलिस की अलग टीमों द्वारा बीनागंज, कुम्भराज, व्यावरा क्षेत्र से घटनाओं से संबंधित सीसीटीवी फुटेज एकत्रित किए गए, जिसमें आरोपी द्वारा उपयोग की जा रही स्कूटी को चिन्हित किया जाकर विभिन्न तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लगातार तलाश की गई एवं सघन प्रयासों के बाद आरोपी के अशोकनगर का होने की जानकारी मिलने पर पुलिस की एक टीम अशोकनगर पहुंची जहां सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेही की पहचान सुनिश्चत की गई और एक दिन की सघन तलाश के बाद आरोपी राजू उर्फ दीपक पुत्र बीरेन्द्र विश्वकर्मा उम्र 28 वर्ष निवासी दुवे कॉलोनी अशोकनगर को गिरफ्तार कर लिया गया ।
आरोपी से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए है, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसके द्वारा बीनागंज में 2 घटनाएं, कुम्भराज 2 घटनाएं, व्यावरा में 1 घटना, राघौगढ़ में 1 घटना एवं शिवपुरी में 1 घटना सहित कुल 7 स्थानों पर इस प्रकार की वारदातें की हैं ।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने का एक मंगलसूत्र, सोने की एक जोड़ी बालियां एवं वारदात में प्रयुक्त सफेद रंग की जुपिटर स्कूटी जप्त की गई है ।
आरोपी को प्रकरण में गिरफ्तार किया गया एवं जिसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिससे अन्य घटनाओं के संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है ।
गुना पुलिस की आम नागरिकों से अपील है कि अज्ञात व्यक्तियों पर बिना सत्यापन विश्वास न करें, किसी भी प्रकार के झांसे या अंधविश्वास में न आएं, संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को दें ।
गुना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है, जो अंधविश्वास का सहारा लेकर महिलाओं को ठगी का शिकार बना रहा था । यह कार्यवाही पुलिस की सतर्कता एवं प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है ।
गुना पुलिस की इस उल्लेखनीय कार्यवाही में चांचौड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज राणा के नेतृत्व में बीनागंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजयप्रताप सिंह, सउनि बृजेश देवरिया, आरक्षक शुभम मिश्रा, आरक्षक अजय समाधिया, आरक्षक विकाश राजावत, साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक भूपेन्द्र खटीक, आरोन थाने से आरक्षक पवीण मीना एवं अशोकनगर कोतवाली से आरक्षक रविन्द्र भारद्वाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
