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ऑपरेशन मुस्कान के तहत नाबालिगों की दस्तयाबी हेतु गुना पुलिस की सतत कार्यवाही

 ऑपरेशन मुस्कान के तहत नाबालिगों की दस्तयाबी हेतु गुना पुलिस की सतत कार्यवाही



*अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गुम/अपहृत दो और नाबालिगों को सुरक्षित दस्तयाब कर परजिनों से मिलाया*


                गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के सशक्त, संवेदनशील एवं मानवीय नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित प्रकरणों को अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिनकी शीघ्र दस्‍तयाबी हेतु निरंतर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी तारतम्‍य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में गुना पुलिस द्वारा जिले के अलग-अलग दो थाना क्षेत्रों से अपहृत दो और नाबालिगों को सुरक्षित दस्‍तयाब कर उनके परिजनों से मिला दिया है ।


थाना कैंट :


               गौरतलब है कि 29-30 मार्च 2026 की मध्यरात्रि में कैंट थाना क्षेत्र से 17 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी के लापता होने पर कैंट थाने में अपराध क्रमांक 201/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध कायम किया गया था । सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में कैंट थाना पुलिस द्वारा प्रकरण में अपह्त किशोरी की सरगर्मी से तलाश की गई और जिसे विगत दिनांक 05 अप्रैल 2026 को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया । दस्तयाबी उपरांत जिसने अपने कथनों में ग्राम सिंगवासा चक निवासी मोहित बेलपारदी द्वारा उसे भगाकर ले जाना और बिना उसकी मर्जी के गलत काम(बलात्कार) करना बताया । कथनों के आधार पर प्रकरण में धारा 64(2)(एम) बीएनएस, 5एल/6 पॉक्सो एक्ट इजाफा कर आरोपी की तलाश शुरु की गई । जिसके परिणाम स्वरुप गत दिवस आरोपी के संबंध में मुखबिर पर तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी मोहित पुत्र ईश्वर सिंह बेलपारदी उम्र 19 साल निवासी ग्राम सिंगवासा चक को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया । कैंट थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक अरुंधती, सउनि गिर्राज जाटव, आरक्षक विकास राजपूत, आरक्षक मुकुल अग्रवाल, महिला आरक्षक रक्षा रघुवंशी एवं सायबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव व आरक्षक भूपेन्द्र खटीक की विशेष भूमिका रही है ।


थाना आरोन :   


               इसी प्रकार दिनांक 11 जनवरी 2026 को जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र से 14 वर्षीय एक नाबालिग बालिका के गुम होने पर से आरोन थाने में अपराध क्रमांक 16/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध कायम किया गया था । एसडीओपी राघौगढ श्रीमती दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में आरोन थाना पुलिस द्वारा प्रकरण में अपह्त बालिका की निरंतर तलाश की गई और जिसके परिणाम स्वरुप मुखबिर सूचना पर तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए विगत दिनांक 06 अप्रैल 2026 को नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया । पुलिस की इस कार्यवाही में आरोन थाना प्रभारी उपनिरीक्षक पंकज कुशवाह, सउनि राजेन्द्र, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र गुर्जर, आरक्षक राम दांगी, आरक्षक सचिन परिहार एवं महिला आरक्षक आकांक्षा व महिला आरक्षक पूजा  की विशेष भूमिका रही है ।

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