*ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुना पुलिस की सतत कार्यवाही*
बमोरी थाना क्षेत्र से गुमशुदा नाबालिग किशोरी को पुलिस ने सुरक्षित दस्तयाब कर, परिजनों से मिलाया
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में गुना पुलिस द्वारा जिले में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी हेतु अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना श्री मान सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में बमोरी थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से नाबालिग किशोरी की गुमशुदगी के मामले में सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिवार से मिला दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 10 अप्रैल 2026 की शाम को बमोरी थाना क्षेत्र से 16 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी के लापता होने पर दिनांक 11 अप्रैल 2026 को किशोरी की मां द्वारा बमोरी थाने पर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 78/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश प्रारंभ की गई ।
बमोरी थाना पुलिस द्वारा उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए अपहृत किशोरी की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु मुखबिर तंत्र सक्रिय करते हुए तथा विभिन्न तकनीकी संसाधनों का उपयोग सभी संभावित जगहों पर बालिका को खोजने के सघन प्रयास किए गए । जिसके परिणाम स्वरुप आज दिनांक 18 अप्रैल 2026 को किशोरी के संबंध में जानकारी मिलने पर बमोरी थाना पुलिस द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
बमोरी थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया, उपनिरीक्षक बुंदेल सिंह, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण रघुवंशी, आरक्षक माखन चौधरी, आरक्षक गुलाब सिंह, आरक्षक दामोदर, महिला आरक्षक रीनू निगवाल एवं सायबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव व आरक्षक भूपेन्द्र खटीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
