डॉक्टरों की सूझबूझ और आधुनिक CCHB सुविधा से बची एक जान
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में, जिला चिकित्सालय, गुना में चिकित्सकों की तत्परता, सूझबूझ एवं समर्पित प्रयासों से एक युवक की जान बचाने का सराहनीय मामला सामने आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पवन पुत्र धीरज सिंह आयु 30 वर्ष निवासी आरोन को इल्लीमार नामक कीटनाशक (पेस्टिसाइड) के कथित सेवन के कारण अचेत अवस्था में नवीन CCHB (कैजुअल्टी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक) में लाया गया। अस्पताल पहुंचने के समय मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उसकी श्वास प्रक्रिया अत्यंत मंद थी तथा विषाक्तता के गंभीर लक्षण स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहे थे।
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए ड्यूटी पर उपस्थित मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राहुल रघुवंशी द्वारा तत्काल जीवन रक्षक उपचार प्रारंभ किया गया। परिजनों से सूचित सहमति (Informed Consent) प्राप्त कर मरीज को तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट प्रदान किया गया एवं उन्नत जीवन रक्षक प्रबंधन हेतु वेंटिलेटर पर रखा गया।
इस संबंध में मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राहुल रघुवंशी ने बताया कि “मरीज अत्यंत गंभीर अवस्था में लाया गया था। समय पर समुचित उपचार, निरंतर मॉनिटरिंग एवं वेंटिलेटरी सपोर्ट मिलने से उसकी जान बचाई जा सकी।” लगातार 24 घंटे तक गहन चिकित्सा एवं सतत निगरानी के पश्चात मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और वर्तमान में वह पूर्णतः स्वस्थ एवं स्थिर है।
इस दौरान वार्ड प्रभारी पूजा सिंह सहित नर्सिंग स्टाफ के सुनील धाकड़, जितेंद्र यादव, ज्योति राणे, वर्षा माकोड़े, दीपिका पटेल, साधना बरगोदिया आदि का सराहनीय योगदान रहा। मरीज के परिजनों ने चिकित्सकों एवं समस्त सहयोगी स्टाफ के प्रति सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय, गुना में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी दृष्टि से उच्चस्तरीय निजी अस्पतालों से कम नहीं हैं।
अस्पताल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विषाक्त पदार्थ के सेवन की स्थिति में बिना विलंब के निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में उपचार हेतु पहुंचें, जिससे समय रहते जीवन की रक्षा की जा सके।
