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नेशनल लोक अदालत में आपसी राजीनामे से निराकृत हुये 1382 मामले लगभग 41225074/- के अवार्ड पारित कर 2800 व्यक्ति हुये लाभावित

 नेशनल लोक अदालत में आपसी राजीनामे से निराकृत हुये 1382 मामले लगभग 41225074/- के अवार्ड पारित कर 2800 व्यक्ति हुये लाभावित



Guna -राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार बहुजन हिताय बहुजन सुखाय की अवधारणा को साकार करते हुए दिनांक 09 मई, 2026 (शनिवार) को जिला गुना एवं सिविल न्यायालय चांचौड़ा/राघौगढ़/आरोन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। उक्त नेशनल लोक अदालत में 25 खड़पीठों ने 1382 मामलों का राजीनामे में आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराया जाकर 41225074/- की राशि के अवार्ड पारित किये तथा 2800 व्यक्तियों को लाभांवित कराया। निराकृत किये गये मामलों में न्यायालयों में लंबित 398 मामलों में 30983172/-की राशि के अवॉर्ड पारित हुये तथा बैंक नगरपालिका, विद्युत व बी.एस.एन.एल. के 984 पूर्ववाद प्रकरणों में 10241902/-की राशि लोक अदालत के माध्यम से वसूल की गयी।


उक्त नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा मुख्य न्यायाधिपति म०प्र० उच्च न्यायालय एवं संरक्षक, म०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा प्रातः 10:00 वर्चुअल माध्यम से  न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया कार्यपालक अध्यक्ष म०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं म०प्र० उच्च न्यायालय के अन्य न्यायमूर्ति की उपस्थिति में किया गया। इसके उपरांत प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुना श्री अमिताभ मिश्र द्वारा जिला न्यायालय परिसर गुना स्थित गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर श्री अमिताभ मिश्र द्वारा व्यक्त किया गया कि नेशनल लोक अदालत में मामलों का निराकरण आपसी समझौते व राजीनामा से होने के कारण पक्षकारों में प्रेम व सौहार्द बना रहता है तथा लोक अदालत में मामले के निराकरण से किसी भी पक्ष की हार न होकर दोनों पक्षों की जीत होती है।


उक्त अवसर पर विशेष न्यायाधीश श्री राकेश कुमार जैन द्वारा व्यक्त किया गया कि पक्षकारों को राजीनामा से मामलों का निराकरण कराने हेतु प्रेरित करना न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं का दायित्व है।


शुभारंभ अवसर पर श्री दिनेश प्रसाद मिश्र, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय व जिला न्यायाधीशगण श्री सुरेश कुमार सुर्यवंशी, श्री राघवेन्द्र भारद्वाज, श्री राधाकिशन मालवीय सुश्री शैलजा गुप्ता, श्रीमती सोनाली शर्मा तथा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री मधुलिका मुले,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती वंदना त्रिपाठी, समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सर्वेश चतुर्वेदी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, अधिवक्तागण, बैंक, विद्युत, नगरपालिका के अधिकारी/कर्मचारी सहित जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।


नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुना को आईएसओ 9001:2015 एवं आईएसओ 14001:2015 प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कार्यालयीन कामकाज में उच्च गुणवत्ता प्रभावशीलता, व्यवस्थित कार्य एवं विधिक सेवा के उद्देश्यों को प्राप्त करने करने में समर्पण की भावना को दर्शाता है।


उपरोक्त के अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला न्यायालय परिसर गुना में जिला डाकघर, गुना के सहयोग से आधार कार्ड बनवाने / अपडेट संबंधी तथा जिला चिकित्सालय के सहयोग से वृहद चिकित्सा शिविर एवं साथ में ब्लड डोनेशन शिविर का भी आयोजन किया गया। जिसमें पक्षकारों, आमजन व अधिवक्तागण द्वारा उत्साहपूर्वक सहभागिता की गयी

 *वॉक्स न्यूज* 


दिनांक 09 मई, 2026 को जिला न्यायालय गुना में आयोजित की गई नेशनल लोक अदालत में न्याय की पहुंच को सुनिश्चित करते हुए न्यायालय श्री सुरेश कुमार सूर्यवंशी षष्टम जिला न्यायाधीश गुना की खण्डपीठ कमाक 05 द्वारा एक ऐसा प्रकरण जो कि लगभग 12 वर्ष से लंबित था उसका सौहार्दपूर्ण तरीके से दोनों पक्षों के मध्य राजीनामा कराते हुये निराकरण कराया गया।


उक्त निष्पादन मामले में विक्रय अनुबंध की डिकी अनुसार विक्रय पत्र का निष्पादन जिसमें निर्णीत ऋणी को ऋणी को 1,97,00000/- (एक करोड संतानवें लाख रूपये मात्र) प्राप्त हुये हुआ जिसमें और डिकीधारी को विक्रय भूमि का कब्जा प्राप्त हुआ

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