*अपहृत अथवा गुम नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की लगातार कार्यवाही*
मधुसूदनगढ़ थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका की गुमशुदगी के मामले में पुलिस की तत्पर कार्यवाही
*मात्र 36 घंटे में अपहृत बालिका को बड़वानी जिले से सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल, संवेदनशील एवं मानवीय नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित प्रकरणों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिनकी शीघ्र दस्तयाबी हेतु निरंतर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं डीएसपी मुख्यालय और प्रभारी एसडीओपी श्री जमीलउद्दीन सिद्दकी के पर्यवेक्षण में मधुसूदनगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे तथा उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका की गुमशुदगी के मामले में तत्परता से कार्यवाही करते हुए मात्र 36 घंटे में ही बालिका को बड़वानी जिले से सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों से मिला दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 22 मई 2026 को एक पिता की ओर से अपनी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री के दिनांक 22 मई 2026 से लापता होने की रिपोर्ट मधुसूदनगढ़ थाने पर दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 81/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश शुरू की गई ।
मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस द्वारा अपहृत नाबालिग बालिका की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया साथ ही विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई जिससे संकलित सूचनाओं के आधार पर सभी संभावित जगहों पर बालिका को खोजने के सघन प्रयास किए गए । जिसके परिणामस्वरूप बालिका के बड़वानी जिले में होने की जानकारी मिलने पर मधुसूदनगढ़ थाने से तत्काल पुलिस की एक टीम बड़वानी के लिए रवाना की गई । जहां पर पुलिस टीम द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए अंतत: दिनांक 23 मई 2026 को अंतत: बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस की इस सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे, सउनि अजय सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संदीप कुमार, आरक्षक अंकित चतुर्वेदी एवं महिला आरक्षक हेमा चंदेल की विशेष भूमिका रही है ।
