Type Here to Get Search Results !

ग्राम खेजरा रामा तहसील कुंभराज में ससुराल से परेशान होकर टावर पर चढ़ी महिला । तहसीलदार और थाना प्रभारी के प्रयासों से सुरक्षित उतारा

 ग्राम खेजरा रामा तहसील कुंभराज में ससुराल से परेशान होकर टावर पर चढ़ी महिला । तहसीलदार और थाना प्रभारी के प्रयासों से सुरक्षित उतारा 


पारिवारिक विवाद में महिला ने उठाया आत्मघाती कदम, ग्रामीणों के उड़े होश

​कुंभराज में घंटो चला हाई-वोल्टेज ड्रामा: प्रशासनिक संवेदनशीलता और सूझबूझ से बची महिला की जान

गुना- 

गुना जिले के कुंभराज तहसील अंतर्गत ग्राम खेजड़ा रामा में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला पारिवारिक अनबन से क्षुब्ध होकर गांव में स्थित ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। भोर के उजाले में महिला को टावर पर देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। सुबह करीब 5 बजे से शुरू हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण सुखद मोड़ पर समाप्त हुआ। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अमला दल-बल के साथ मौके पर पहुंचा और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत व समझाइश के बाद महिला को सकुशल नीचे उतार लिया गया।

​अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, बल प्रयोग के बजाय अपनाया 'संवाद का रास्ता'

​घटना की भनक लगते ही कुंभराज तहसीलदार कमल मंडेलिया, थाना प्रभारी पंकज त्यागी और पटवारी प्रवीण सिंह राणा अपनी टीमों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी आपातकालीन तैयारियों के साथ बुला लिया गया था।

​महिला अत्यधिक आक्रोश में थी और नीचे आने को तैयार नहीं थी। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों ने बल प्रयोग या जल्दबाजी करने के बजाय बेहद संवेदनशील रणनीति अपनाई। अधिकारियों ने लाउडस्पीकर और सीधे संवाद के जरिए महिला से बात की। उसे ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया गया कि—"तुम्हारी हर समस्या सुनी जाएगी, जो तुम चाहती हो प्रशासनिक और कानूनी दायरे में रहकर वही न्याय किया जाएगा, तुम बस सुरक्षित नीचे आ जाओ।"

​आश्वासन पर पिघला गुस्सा, नीचे उतरते ही मेडिकल चेकअप

​प्रशासन के इस मानवीय चेहरे और ठोस आश्वासन का असर महिला पर हुआ। उसका गुस्सा शांत हुआ और वह धीरे-धीरे टावर से नीचे उतर आई। महिला के सुरक्षित नीचे आते ही वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल महिला का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया।

​घटनाक्रम की मुख्य कड़ियां 

​भोर का सन्नाटा और हंगामा: सुबह 5:00 बजे महिला टावर पर चढ़ी, ग्रामीणों ने शोर मचाकर पुलिस और प्रशासन को अलर्ट किया।

​संयुक्त रेस्क्यू टीम: राजस्व, पुलिस, नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर संभाला मोर्चा।

​संवेदनशीलता की मिसाल: बिना किसी दबाव के, सिर्फ बातचीत और दिलासे (Counseling) के दम पर महिला को सुरक्षित उतारा गया।

​जांच जारी: महिला को सुरक्षित सौंपने के बाद पुलिस अब इस पारिवारिक मतभेद और विवाद के मूल कारणों की बारीकी से जांच कर रही है।

​संपादकीय टिप्पणी

यह घटना साबित करती है कि संकट के समय यदि प्रशासनिक तंत्र केवल कानूनी औपचारिकता न निभाकर संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाए, तो विपरीत परिस्थितियों में भी बहुमूल्य जिंदगियों को महफूज रखा जा सकता है। कुंभराज प्रशासन और पुलिस टीम का यह त्वरित और सूझबूझ भरा प्रयास अत्यंत सराहनीय है।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.