बैंक खाता एवं पासबुक का साइबर फ्रॉड एवं क्रिकेट सट्टा में उपयोग करने के दो आरोपी जेल दाखिल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दुर्ग - लोन दिलाने के नाम पर बैंक खाते एवं पासबुक एकत्र कर साइबर फ्रॉड एवं क्रिकेट सट्टा में उपयोग करने के दो आरोपियों को थाना छावनी पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उमनि विजय अग्रवाल ने बताया कि थाना छावनी क्षेत्र अंतर्गत बैकुण्ठ धाम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 25 परिसर में लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक पासबुक एवं खातों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें म्यूल बैंक खाता , फर्जी पासबुक , एटीएम तथा साइबर फ्रॉड एवं क्रिकेट सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों में उपयोग करने संबंधी सूचना प्राप्त हुई थी। गत दिवस 16 मई को थाना छावनी पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी जावेद अख्तर द्वारा आकाश जायसवाल के माध्यम से बैंक खाते एवं पासबुक एकत्र कर उन्हें साइबर फ्रॉड एवं अन्य अवैध गतिविधियों में उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जा रहा है। सूचना पर तत्काल रेड कार्यवाही कर दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा बैंक खातों एवं पासबुक को लोन दिलाने के नाम पर प्राप्त कर उन्हें मोटी रकम लेकर अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराना स्वीकार किया गया। आरोपियों के कब्जे से महाराजा बैंक से संबंधित खाता दस्तावेज एवं वीवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। आरोपियों के विरुद्ध थाना छावनी में धारा 319 , 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से थाना छावनी पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। उक्त कार्यवाही में थाना छावनी पुलिस टीम द्वारा सूचना पर त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई, जिनकी भूमिका सराहनीय रही।
गिरफ्तार आरोपीगण -
आकाश जायसवाल निवासी - शारदा पारा कैम्प-02 भिलाई , जावेद अख्तर निवासी - मदर टेरेसा नगर कैम्प-01 भिलाई , जिला - दुर्ग (छत्तीसगढ़) ।
जप्ती सामाग्री -
बैंक खाता एवं पासबुक दस्तावेज और एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन।
दुर्ग पुलिस की अपील -
दुर्ग पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि अपने बैंक खाते , पासबुक , एटीएम कार्ड एवं अन्य बैंकिंग दस्तावेज किसी भी व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध ना करायें। ऐसे मामलों में संलिप्त पाये जाने पर कठोर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
