युवति से दुष्कर्म के मामले में धरनावदा थाना पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही
*दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल एवं संवेदनशील नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधो को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए इन मामलों में त्वरित, सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी राघौगढ़ श्रीमती दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में धरनावदा थाना पुलिस द्वारा एक युवति से दुष्कर्म के गंभीर मामले में तत्परता से कार्यवाही करते हुए दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 22 मई 2026 को एक युवति द्वारा धरनावदा थाने में आरोपी टारजन पारदी निवासी गोकुल सिंह का चक गुना के विरूद्ध गलत काम किये जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने आरोपी टारजन पारदी के विरुद्ध धरनावदा थाने में अपराध क्रमांक 102/26 धारा 69, 351(3) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया था ।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा आरोपी की शीघ गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए । निर्देशों के परिपालन में धरनावदा थाना पुलिस आरोपी की तलाश में सक्रियता से जुट गई और इस हेतु अपने मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करते हुए आरोपी की सरगर्मी से तलाश करते हुए सघन दविशें दी गईं, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस के निरंतर एवं अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप गत दिनांक 24 मई 2026 को आरोपी के संबंध में मुखबिर से प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर धरनावदा थाना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए दुष्कर्म के आरोपी टारजन पुत्र तोफान पारदी उम्र 26 साल निवासी ग्राम बीलाखेड़ी थाना धरनावदा हाल गोकुल सिंह का चक गुना को गिरफ्तार कर लिया गया एवं जिसे आज दिनांक 25 मई 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है ।
धरनावदा थाना पुलिस की इस सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रूहिल शर्मा, उपनिरीक्षक अंजना चंदेल, झागर चौकी प्रभारी सउनि अनिल कदम, प्रधान आरक्षक जोगेश शर्मा, प्रधान आरक्षक अजय कुमार, प्रधान आरक्षक धीरेन्द्र सेंगर, आरक्षक राघवेन्द्र बुन्देला, आरक्षक राजेश परिहार, आरक्षक रविन्द्र सोलंकी, आरक्षक पवन शर्मा, आरक्षक रघुकुल मिश्रा, आरक्षक ऋषीकेश शर्मा एवं सैनिक सुखलाल की विशेष भूमिका रही है ।
