नगरीय निकाय मतदाता सूची पुनरीक्षण में नियमों की अनदेखी।
फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का सार्वजनिक स्थानों पर नहीं हुआ प्रकाशन।
पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत।
सार्वजनिक प्रकाशन न होने की जांच व दोषियों पर कार्यवाही की उठाई मांग।
सागर / नगरीय निकायों की मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने निर्वाचन आयोग के नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का नगर पालिका एवं वार्ड स्तर पर सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाशन नहीं किया गया,जिससे आम मतदाताओं को जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो रही है।इस संबंध में पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश रावत से दूरभाष पर चर्चा कर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। जिस पर श्री रावत ने जांच एवं आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।श्री चौधरी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रारूप मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रकाशन किया जाए,ताकि मतदाता अपने नामों का परीक्षण कर आवश्यक आपत्तियां एवं दावे प्रस्तुत कर सकें, लेकिन कई स्थानों पर इसका पालन नहीं किया गया।पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्वाचन संबंधी सभी प्रक्रियाओं का निष्पक्ष एवं नियमसम्मत पालन होना आवश्यक है। यदि मतदाता सूची का समय पर और सार्वजनिक रूप से प्रकाशन नहीं होगा तो अनेक पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित हो सकते हैं।उन्होंने मांग करते हुये कहा कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का वार्ड स्तर पर सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाशन अनिवार्य है,लेकिन सागर जिले में अनेक स्थानों पर इसका पालन नहीं किया गया है। यह गंभीर लापरवाही है, जिसकी सूक्ष्म एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए, ताकि मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
