नेट हाउस खेती से किसान बना लाखों की आय का मॉडल
कलेक्टर श्री किशोर कन्याल ने आरोन में खीरा उत्पादन का किया निरीक्षण
गुना
जिले में आधुनिक उद्यानिकी खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने आज आरोन विकासखंड स्थित प्रगतिशील कृषक श्री सचिन श्रीवास्तव के शेडनेट हाउस में लगाई गई खीरा फसल का निरीक्षण किया तथा आधुनिक संरक्षित खेती की व्यवस्थाओं को करीब से देखा।
निरीक्षण के दौरान कृषक श्री सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने लगभग 80 दिन की अवधि वाली खीरा फसल से एक एकड़ क्षेत्र में करीब 2 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। इसके पूर्व उसी नेट हाउस में ली गई टमाटर की फसल से उन्हें लगभग 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया कि संरक्षित खेती में यदि वैज्ञानिक तकनीकों एवं बेहतर प्रबंधन का उपयोग किया जाए तो किसान वर्षभर लगातार उत्पादन लेकर बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कृषक की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। नेट हाउस एवं पॉलीहाउस जैसी संरक्षित खेती की तकनीकें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिले के अन्य किसानों को भी ऐसे सफल मॉडलों से प्रेरणा लेकर उन्नत उद्यानिकी खेती की ओर आगे आना चाहिए।
उपसंचालक उद्यान श्री केपीएस किरार ने बताया कि शेडनेट हाउस में एक वर्ष के दौरान तीन से चार विभिन्न सब्जी फसलों का उत्पादन लिया जा सकता है। एक एकड़ नेट हाउस से किसान सामान्य परिस्थितियों में 6 से 8 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ आसानी से अर्जित कर सकते हैं। यदि फसल प्रबंधन, उर्वरक संतुलन, सिंचाई व्यवस्था एवं बाजार प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जाए तो यह शुद्ध लाभ 8 से 10 लाख रुपये अथवा इससे भी अधिक हो सकता है। उन्होंने कहा कि संरक्षित खेती किसानों को कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रही है।
