Type Here to Get Search Results !

पशुपालन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : कलेक्टर श्री कन्याल

 पशुपालन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : कलेक्टर श्री कन्याल

“क्षीर धारा ग्राम” योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सशक्त आधार


गुना  

कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल द्वारा आज पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग श्री सिमर सिंह राठौर, उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर श्री कन्याल ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याएं अनेक हो सकती हैं, लेकिन उनका समाधान निकालते हुए बेहतर परिणाम देना आवश्यक है। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग एवं मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग श्री सिमर सिंह राठौर द्वारा “क्षीर धारा ग्राम” योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा जिले में योजना के अंतर्गत कुल 44 ग्रामों का चयन किया गया है। इनमें विकासखंड आरोन के 10, बमोरी के 06, चाचौड़ा के 10, गुना के 09 तथा राघौगढ़ के 09 ग्राम शामिल हैं। योजना का उद्देश्य पशुपालन गतिविधियों को संगठित एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है। बैठक में बताया गया कि योजना के अंतर्गत उच्च नस्ल संवर्धन, पशुओं की टैगिंग एवं शत-प्रतिशत टीकाकरण को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए निकृष्ट सांडों का बधियाकरण, बांझपन निवारण शिविर एवं पशुपालकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कलेक्टर श्री कन्याल ने गोबर एवं गोमूत्र आधारित अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि पशुपालकों को जैविक खाद निर्माण एवं गोबर गैस संयंत्र स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही हरे चारे के उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु किसानों को चारा बीज मिनीकिट वितरित किए जाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जानकारी दी गई कि योजना के प्रथम चरण के लिए दिसंबर 2025 से जून 2026 तक वार्षिक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस अवधि में आधारभूत सर्वेक्षण, सघन टीकाकरण, बधियाकरण अभियान, पशुपालक संगोष्ठियां एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित मापदंड पूर्ण करने वाले ग्रामों को जून 2026 में प्रमाणित “क्षीर धारा ग्राम” घोषित किया जाएगा।

कलेक्टर श्री कन्याल ने वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि घरेलू पशुओं से वन्यजीवों में बीमारियों के संक्रमण की रोकथाम सुनिश्चित की जाए। साथ ही हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाकर वन क्षेत्रों में अनियंत्रित चराई को नियंत्रित करने एवं वनस्पति पुनर्जनन को प्रोत्साहित करने निर्देशित किया।

उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा स्व-सहायता समूहों के माध्यम से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों को निराश्रित पशु प्रबंधन, सामुदायिक जागरूकता, गोबर अपशिष्ट प्रबंधन एवं हरा चारा उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया।

बैठक में सहकारिता विभाग के समन्वय से चयनित ग्रामों के पात्र पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड एवं समयबद्ध ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई, ताकि पशुपालकों को आर्थिक सहयोग मिल सके तथा उन्नत पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा प्राप्त हो।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.