ग्राम पंचायत मोतीपुरा के घोड़लखेड़ा में भीषण जल संकट, ग्रामीणों ने दी कलेक्टर घेराव की चेतावनी
Raghogarh -राघौगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मोतीपुरा के बरइयारखेड़ा के मजरा घोड़लखेड़ा में पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। लगभग 30 से 40 घरों की इस आदिवासी बस्ती में आज तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिसके कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी के इस भीषण मौसम में गांव की महिलाएं और बच्चे लगभग 1 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि आदिवासी गांवों में पहुंचकर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही आदिवासी समाज की समस्याओं को भुला दिया जाता है। आज भी राघौगढ़ क्षेत्र के अनेक आदिवासी गांव पानी, बिजली, सड़क, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र एवं स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित हैं।
खराब सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में लोगों को दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है। इसके बावजूद प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 4 से 5 दिनों के भीतर घोड़लखेड़ा में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा आदिवासी गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
राकेश कुमार भील
जयस संभाग अध्यक्ष, ग्वालियर
जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस)
