उद्यानिकी विभाग द्वारा ग्राम बुढ़ाखेड़ा में ‘पानी चौपाल’ का आयोजन
गुना,
उद्यानिकी विभाग द्वारा विकासखंड बमोरी के ग्राम बुढ़ाखेड़ा में आज “पानी चौपाल” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 40 प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं आधुनिक सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, विकासखंड बमोरी श्री आर. एस. केन द्वारा किसानों को संबोधित करते हुए बताया गया कि वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर रहा है। इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सब्जियों, मसालों, पुष्पों एवं फलदार फसलों में ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत के साथ-साथ उत्पादन में भी वृद्धि होती है।
इसके साथ ही किसानों को पोर्टेबल स्प्रिंकलर एवं मिनी स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धतियों के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव हो सके।
श्री केन ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को ध्यान में रखते हुए किसानों को फलदार वृक्षों के अधिकाधिक वृक्षारोपण हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि शुद्ध एवं जैविक फलों की बढ़ती मांग के चलते किसानों को इससे बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है।
उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। विशेष रूप से “थाई पिंक अमरूद” की खेती को अपनाने का आवाहन किया गया, जिससे किसान प्रति एकड़ 8 से 10 लाख रुपए तक का मुनाफा अर्जित कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त खुले खेतों में देसी गुलाब की खेती से लगभग 4 से 5 लाख रुपए प्रति एकड़ तथा सब्जियों की उन्नत खेती से भी 4 से 5 लाख रुपए प्रति एकड़ तक की आय प्राप्त करने की संभावनाएं बताई गईं। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने विभागीय योजनाओं एवं आधुनिक तकनीकों के प्रति गहरी रुचि दिखाई तथा उन्हें अपनाने का संकल्प लिया।
