राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर लिया गया संकल्प, सीएचसी बीनागंज में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित
Guna- राष्ट्रीय डेंगू दिवस (16 मई 2026) के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीनागंज में डेंगू से बचाव एवं जागरूकता हेतु विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश कुमार पुष्पक, बीएमओ बीनागंज ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजनों को डेंगू रोग के लक्षण, बचाव एवं उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है, इसलिए घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, पुराने टायर, गमले, पानी की टंकियों आदि की नियमित सफाई करने की सलाह दी गई। इस अवसर पर बीएमओ द्वारा उपस्थित सभी को डेंगू से बचाव की शपथ भी दिलाई गई।
इसके पश्चात प्रदीप सेन, वीवीडी तकनीकी पर्यवेक्षक ने डेंगू फैलाने वाले फीमेल एडीज मच्छर के जीवनचक्र को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि इसमें ट्रांस ओवेरियन ट्रांसमिशन पाया जाता है, अर्थात यदि फीमेल एडीज मच्छर एक बार संक्रमित हो जाती है तो उसके अंडे भी संक्रमित होते हैं। ये अंडे एक वर्ष तक जीवित रह सकते हैं और प्रायः कूलर की पुरानी जालियों व किनारों में फंसे रहते हैं। पानी के संपर्क में आते ही ये अंडे लार्वा, प्यूपा और फिर संक्रमित मच्छर में परिवर्तित हो जाते हैं, इन्हें अलग से संक्रमित होने की आवश्यकता नहीं होती।
उन्होंने सलाह दी कि कूलर की पुरानी जालियों को नष्ट कर नई जालियां उपयोग में लाएं तथा कंटेनर एवं कूलर टंकी का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें। साथ ही मच्छर के लार्वा की पहचान एवं उसे नष्ट करने की विधियों की जानकारी भी दी गई।
आमजन को समझाइश दी गई कि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर एवं जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। मच्छरों से बचाव हेतु मच्छरदानी, पूरी बांह के कपड़े एवं मच्छररोधी उपाय अपनाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में मेडिकल ऑफिसर, बीईई, बीपीएम, बीसीएम, एलटी, एफडी, अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित रहे।
