नाबालिग बालिका के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में गुना कोतवाली पुलिस की तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही
*मुख्य आरोपी सहित सहयोगी को भी गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के सशक्त एवं प्रभावी नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों एवं महिलाओं पर घटित अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेकर इनमें त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में गुना कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से किशोरी के अपहरण एवं दुष्कर्म के प्रकरण में तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए प्रकरण में मुख्य आरोपी सहित उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 19 अप्रैल 2026 को गुना कोतवाली में एक पिता की ओर से अपनी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के दिनांक 18 अप्रैल 2026 से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । रिपोर्ट पर से गुना कोतवाली में अपराध क्रमांक 181/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर पुलिस द्वारा किशोरी की त्वरित खोजबीन शुरू की गई एवं इसमें पुलिस के लगातार तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों के परिणाम स्वरूप दिनांक 17 मई 2026 को किशोरी को दिल्ली के लालकिला क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया ।
दस्तयाबी पश्चात पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि चित्रांश ओझा निवासी कोलारस जिला शिवपुरी का उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ गलत काम किया एवं इसमें चित्रांश के दोस्त अंशुल तोमर निवासी कोलारस द्वारा उसे लगातार सहयोग किया गया । इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में धारा 142, 64(2)(m) बीएनएस एवं 5एल/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा किया जाकर गत दिनांक 19 मई 2026 को मुख्य आरोपी चित्रांश पुत्र स्व. काशीराम ओझा उम्र 19 साल निवासी ग्राम अटरुनी हाल कोलारस जिला शिवपुरी एवं सहयोगी आरोपी अंशुल पुत्र मलखान सिंह तोमर उम्र 20 साल निवासी गौड मोहल्ला कोलारस को भी गिरफ्तार कर लिया गया एवं उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है ।
गुना कोतवाली पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा, उपनिरीक्षक चंचल तिवारी, प्रधान आरक्षक रामकुमार रघुवंशी, आरक्षक रतन सिंह, आरक्षक नीरज रघुवंशी, महिला आरक्षक निशा शर्मा व महिला आरक्षक रश्मि सेन एवं साइबर सेल से आरक्षक भूपेन्द्र खटीक व आरक्षक अभय रघुवंशी की सराहनीय भूमिका रही है ।
