चाचौडा थाना क्षेत्र से अपहृत नाबालिग बालिका को पुलिस ने सुरक्षित दस्तयाब कर परिवार से मिलाया
पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित प्रकरणों को अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिनकी शीघ्र दस्तयाबी हेतु निरंतर एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में चाचौडा थाना पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका की गुमशुदगी के मामले में सक्रियता से कार्यवाही करते हुए बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 14 अप्रैल 2026 की रात्रि में चाचौडा थाना क्षेत्र से 14 वर्षीय एक नाबालिग बालिका के लापता होने पर दिनांक 16 अप्रैल 2026 को बालिका के पिता द्वारा चाचौडा थाने पर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 97/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश प्रारंभ की गई ।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती वासल द्वारा जिले में नाबालिगों से संबंधित मामलों में शीघ्र एवं संवेदनशील कार्यवाही हेतु लगातार दिए जा रहे निर्देशों के तहत पुलिस द्वारा अपहृत नाबालिग बालिका की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया साथ ही विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई जिससे संकलित सूचनाओं के आधार पर सभी संभावित जगहों पर बालिका को खोजने के सघन प्रयास किए गए । अपहृता की तलाश के क्रम में गत दिनांक 19 मई 2026 को बालिका के संबंध में पुलिस को पुख्ता जानकारी मिलने पर चाचौडा थाना पुलिस द्वारा तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
चाचौडा थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज राणा, सउनि राकेश भील, प्रधान आरक्षक विष्णु गुर्जर, आरक्षक कपिल शर्मा एवं महिला आरक्षक सोनू डाबर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
