म्याना थाना पुलिस की सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाही से थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग बालिका सुरक्षित दस्तयाब
*नाबालिग के अपहरण और उससे दुष्कर्म के आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों पर घटित अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेकर इनमें त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में म्याना थाना पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र से करीब तीन माह पूर्व एक नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में सक्रियता से कार्यवाही करते हुए अंतत: अपहृता को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 13 फरवरी 2026 को म्याना थाने पर फरियादी ताऊ द्वारा अपनी 16 वर्षीय नाबालिग भतीजी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से म्याना थाने में अपराध क्रमांक 30/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर पुलिस द्वारा बालिका की तलाश प्रारंभ की गई ।
म्याना थाना पुलिस द्वारा अपहृत बालिका की तलाश हेतु अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय करते हुए विभिन्न तकनीकी संसाधनों का गहन विश्लेषण किया गया तथा सभी संभावित स्थानों पर अपहृता की निरंतर खोजबीन की गई । जिसकी तलाश के क्रम में गत दिनांक 17 मई 2026 को अपहृता के संबंध जानकारी मिलने पर म्याना थाना पुलिस द्वारा तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए अंतत: अपहृत बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया ।
दस्तयाबी उपरांत बालिका ने अपने बयान में बताया कि ग्राम गीदखोह निवासी रामबाबू बंजारा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ गलत काम किया । इसके बाद पुलिस ने आरोपी रामबाबू बंजारा के विरुद्ध प्रकरण में धारा 64(1), 64(2)(m) बीएनएस एवं 5L/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा कर आरोपी की सरगर्मी से तलाश की गई और आज दिनांक 18 मई 2026 को आरोपी रामबाबू पुत्र कन्ना बंजारा उम्र 20 साल निवासी ग्राम गीदखोह थाना बजरंगगढ़ जिला गुना को विधिवत गिरफ्तार कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया है ।
म्याना थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया, ऊमरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बुन्देल सिंह सुनेरिया, प्रधान आरक्षक सुजीत सिंह सिकरवार, आरक्षक आरक्षक सुनील यादव, आरक्षक रंजीत, आरक्षक सुनील, महिला आरक्षक पूनम रघुवंशी, महिला आरक्षक दीपशिका लोधी एवं साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप भदौरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
