जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न, सड़क सुरक्षा एवं अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश
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कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की वर्चुअल बैठक जिला कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, संयुक्त कलेक्टर डॉ. संजीव खेमरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारंभ में जय स्तंभ चौराहे से भुल्लनपुरा तिराहे तक आरओबी के दोनों ओर सड़क मरम्मत एवं ब्रिज के ऊपर सुरक्षा वेरियर लगाए जाने संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री कन्याल ने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि उक्त कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, जिससे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देशित किया कि संबंधित क्षेत्र के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल के सहयोग से अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने कहा कि जिन स्थानों पर एनक्रोचमेंट ड्राइव चलाया जाना है, उन्हें चिन्हित कर पुलिस विभाग को अवगत कराया जाए, ताकि आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराया जा सके।
कलेक्टर श्री कन्याल ने एनएचएआई अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में मवेशियों के राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए भदौरा क्षेत्र के पास गौशाला निर्माण हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही काउ कैचर दल द्वारा हाईवे पर नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए।
बैठक में CNH अधिनियम एवं निर्धारित एसओपी के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्मित आरओडब्ल्यू क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को 60 दिवस की समय-सीमा में हटाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त जिन मार्गों से राष्ट्रीय एवं राज्य मार्ग गुजरते हैं, वहां 15 दिवस के भीतर जिला राज्य मार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स (District Highway Safety Task Force) का गठन करने के निर्देश भी दिए गए।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में राज्य निगरानी दल (Dedicated Highway Surveillance Team) के गठन पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देशित किया कि पुलिस एवं परिवहन विभाग के कर्मचारियों को सम्मिलित करते हुए 30 दिवस के भीतर प्रत्येक 50 किलोमीटर के अंतराल पर राष्ट्रीय राजमार्ग निगरानी दल गठित किया जाए।
बैठक में सड़क किनारे पौधारोपण, सुरक्षा उपायों एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं पर भी चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
