Type Here to Get Search Results !

मृगवास थानांतर्गत बुजुर्ग दंपत्ति से डकैती की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने किया पर्दाफाश

 *संपत्ति संबंधी अपराधों में गुना पुलिस की सतत और प्रभावी कार्यवाहीं*



मृगवास थानांतर्गत बुजुर्ग दंपत्ति से डकैती की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने किया पर्दाफाश


*पुलिस के अथक प्रयासों एवं प्रभावी तकनीकी विश्लेषण से दो आरोपी गिरफ्तार*


*315 बोर एक देशी कट्टा व एक राउण्ड सहित लूट का माल बरामद*


               गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु सतत एवं सुनियोजित कार्यवाहीं की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में पुलिस द्वारा मृगवास थानांतर्गत ग्राम बाकन्या में बुजुर्ग दंपत्ति के साथ हुई डकैती की सनसनीखेज वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा किया है ।


               उल्लेखनीय है कि दिनांक 13 अप्रैल 2026 को तड़के सुबह मृगवास थाना पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बाकन्या में एक बुजुर्ग दंपत्ति के घर में लूट की घटना हुई है । सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची । जहां पीड़ित वंकटदास बैरागी उम्र 65 वर्ष ने पुलिस को बताया कि दिनांक 12 अप्रैल की रात करीब 2 बजे चार-पांच अज्ञात व्यक्ति छत के रास्ते घर में घुसे तथा मुझे तथा मेरी पत्नि को पकड़ लिया और हथियार दिखाकर दोंनों के हाथ-पैर बांधकर मारपीट की गई और घर में रखे 01 लाख रूपये नगदी तथा पत्नि के पहने हुए जेबर कान के बाला सोने के, नाक का कांटा सोने का, पैरों पायल चांदी की तथा बिछूड़ी चांदी की, छीनकर भाग गए, जो सभी अपने मुंह पर कपडा बान्धे हुये थे । पुलिस द्वारा घटना स्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया एवं तत्काल फरियादी वंकटदास बैरागी की रिपोर्ट पर से अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध मृगवास थाने में अप.क्र. 38/26 धारा 310(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई ।


               पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा डकैती की उक्त घटना को गंभीरता से लेकर अज्ञात आरोपी की शीघ्र पतारसी कर जिनकी गिरफ्तारी तथा लूटे गये माल की बरामदगी हेतु तत्काल पुलिस की विशेष टीम गठित की गई । पुलिस टीम द्वारा प्रकरण में तत्परता से कार्यवाही करते हुए घटना स्थल एवं आस-पास के क्षेत्र का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया तथा आसपास के क्षेत्रों के लगभग 100 लोगो से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की गई । साथ ही पिछले पांच दिनों में घटना स्थल के आसपास उपयोग हुए करीब 10 हजार मोबाईल नंबरों का गहनता से तकनीकी विश्लेषण किया गया, जिनमें एक संदिग्ध नंबर चिन्हित हुआ, जिसके आधार पर पुलिस टीम द्वारा उस मोबाईल नंबर धारक रामधन पुत्र हीरालाल कंजर उम्र 26 साल निवासी चिंता का डेरा ग्राम बिरयाई थाना कुम्भराज जिला गुना को दिनांक 04 मई 2026 को हिरासत लिया गया ।


               पुलिस टीम द्वारा संदेही रामधन कंजर से पूछताछ करने पर उसके द्वारा अपने साथी मनोहर कंजर सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर डकैती की उक्त घटना करना स्वीकार किया, जिसने बताया कि घटना के दो दिन पहले वह लोग शिकार करने के लिए ग्राम बाकन्या तरफ गए हुए थे, इस दौरान बाकन्य गांव के बाहर रोड़ पर मकान बना हुआ दिखा था, उस दिन उनके द्वारा मकान के आसपास घूमकर देखने पर पता चला था कि उस मकान में बुजुर्ग पति पत्नि अकले ही रहते हैं और फिर दो दिन बाद दिनांक 12 अप्रैल 2026 की रात में योजनाबद्ध तरीके से उस मकान में घटना को अंजाम दिया था । 


               इसके उपरांत पुलिस द्वारा आरोपी रामधन कंजर को प्रकरण में विधवत गिरफ्तार कर उसके अन्य साथियों की तलाश शुरू की गई और जिनकी तलाश में पुलिस टीम द्वारा सघन दविशें दी गईं, जिसके परिणामस्वरूप दिनांक 04 मई  2026 को ही एक और आरोपी मनोहर उर्फ मनोरिया पुत्र तोरण कंजर उम्र 25 साल निवासी धाम का डेरा ग्राम बिरयाई थाना कुंभराज जिला गुना को भी गिरफ्तार कर लिया गया ।


               पुलिस द्वारा आरोपियों की निशादेही से लगभग 15,000/-रुपये नगद, सोने की नाक की बाली, चांदी की बिछुड़ी (एक जोड़ी), चांदी की पायल (एक जोड़ी), घटना में प्रयुक्त एक मोटर साइकिल, ताला तोड़ने के औजार सहित एक 315 बोर का देशी कट्टा एवं जिंदा कारतूस बरामद कर विधिवत जप्त किया गया है ।


               डकैती की इस सनसनीखेज घटना का शीघ्रता से खुलाशा करने में डीएसपी श्री आनंद राय के नेतृत्व में मृगवास थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह कुशवाह, चांचौड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज राणा, सानई चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी, सउनि राजेश भिलाला, आरक्षक सोहन अनारे, आरक्षक नीरज धाकड़, आरक्षक राहुल बघेल, आरक्षक रवि यादव, आरक्षक धीरेन्द्र बघेल, आरक्षक राकेश बाथम, आरक्षक जीतेन्द्र यादव, आरक्षक विकास राठौर ।


पुलिस लाईन से उपनिरीक्षक गोपाल चौबे, सउनि महेन्द्र सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक बासुदेव शर्मा, आरक्षक धीरेन्द्र गुर्जर, आरक्षक शरद यादव ।


साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप भदौरिया, आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक भूपेन्द्र खटीक, आरक्षक अभय रघुवंशी ।


विशेष टीम से आरक्षक नीलेश रघुवंशी, आरक्षक राजीव रघुवंशी, आरक्षक नवदीप अग्रवाल, आरक्षक आदित्य सिंह कौरब की महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है ।


               गुना पुलिस द्वारा त्वरित, सुनियोजित एवं तकनीकी आधार पर की गई जांच से न केवल गंभीर अपराध का सफल खुलासा हुआ, बल्कि लूटा गया माल भी बरामद किया गया । पुलिस की इस कार्यवाही से क्षेत्र में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हुई है तथा अपराधियों में कानून का भय स्थापित हुआ है । यह कार्यवाही गुना पुलिस की सजगता, पेशेवर दक्षता एवं अपराध नियंत्रण के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है । गुना पुलिस द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी रहेंगी, जिससे जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे ।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.