केंट थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में पुलिस की सक्रिय कार्यवाही
*अपहृता को राजगढ़ जिले के सुठालिया क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर उसके अपहरण और दुष्कर्म का आरोपी किया गिरफ्तार*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के सशक्त एवं प्रभावी नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों पर घटित अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेकर इनमें त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में केंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से बालिका के अपहरण के प्रकरण में सक्रियता से कार्यवाही करते हुए अपहृता को राजगढ़ जिले के सुठालिया क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब करते हुए उसके अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।
उल्लेखनीय है कि केंट थाने पर दिनांक 12 मई 2026 को एक पिता द्वारा अपनी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री के घर से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 335/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की त्वरित खोजबीन शुरू की गई एवं इसमें पुलिस के लगातार एवं अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप बालिका के राजगढ़ जिले के सुठालिया क्षेत्र में होने की जानकारी मिलने पर केंट थाने पुलिस की एक टीम आज दिनांक 16 मई 2026 को सुठालिया पहुंची और जहां पर टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए प्रकरण में करीब 04 दिन से अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया ।
दस्तयाबी पश्चात पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि दिनेश मोंगिया निवासी ग्राम महूगढ़ा थाना धरनावदा का उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ गलत काम किया । इसके बाद पुलिस ने आरोपी दिनेश मोंगिया के विरुद्ध प्रकरण में धारा 65(1), 64(2)(m) बीएनएस एवं 5एल/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा किया जाकर आज दिनांक 16 मई 2026 को ही आरोपी दिनेश पुत्र प्रकाश मोंगिया उम्र 21 साल निवासी ग्राम महूगढ़ा थाना धरनावदा जिला गुना को भी गिरफ्तार कर लिया गया एवं उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है ।
केंट थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, सउनि मिट्टूलाल विसोरिया, आरक्षक शुभम रघुवंशी एवं महिला आरक्षक सीमा चौहान का विशेष योगदान रहा है ।
