क्लब फुट अब अभिशाप नहीं, समय पर इलाज से संपूर्ण उपचार संभव
गुना
जिला चिकित्सालय गुना में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत अनुष्का फाउंडेशन एवं SBI फाउंडेशन के सहयोग से क्लब फुट जागरूकता एवं उपचार क्लिनिक का आयोजन DEIC भवन में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कुल 24 बच्चों का फॉलो-अप किया गया, जिनमें कास्टिंग एवं टेनोटॉमी जैसे आवश्यक उपचार शामिल रहे। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है, जिसमें जन्म के समय बच्चे का एक या दोनों पैर का पंजा अंदर की ओर मुड़ा होता है, लेकिन यह पूरी तरह से उपचार योग्य है।
जानकारी दी गई कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 33,000 बच्चे क्लब फुट के साथ जन्म लेते हैं। यदि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद या प्रारंभिक 14 दिनों के भीतर पॉन्सेटी विधि से उपचार शुरू किया जाए, तो बच्चा सामान्य बच्चों की तरह चल-फिर सकता है और सामान्य जीवन जी सकता है।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को क्लब फुट के कारण, उपचार की प्रक्रिया तथा नियमित फॉलो-अप और ब्रेसिंग की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर आर.एम.ओ.डॉ पी.ऐन धाकड़ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र सिंह धाकड़, जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक विनीता सोनी एवं अनुष्का फाउंडेशन से कार्यक्रम अधिकारी श्री मुरारी सिंह दांगी सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।
