*अपहृत अथवा गुमशुदा नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की लगातार कार्यवाही*
म्याना पुलिस की सक्रियता से मात्र 04 दिवस में दस्तयाब हुई अपहृत नाबालिग बालिका
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालिका-बालिकाओं की दस्तयाबी हेतु अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए मात्र 04 दिवस में ही बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिवार से मिला दिया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 06 जून 2026 को म्याना थाने में एक पिता द्वारा अपनी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री के लापता होने संबंधी रिपोर्ट की गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 138/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश प्रारंभ की गई ।
म्याना थाना पुलिस द्वारा नाबालिग लड़की के अपहरण की घटना को गंभीरता से लेते हुए अपहृता की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु अपने मुखबिर तंत्र सक्रिय करते हुए तथा विभिन्न तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर सभी संभावित जगहों पर बालिका को खोजने के सघन प्रयास किए गए । इसमें पुलिस के लगातार प्रयास, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग के परिणामस्वरूप महज चार दिवस में ही अपहृत बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
म्याना थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया, ऊमरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बुंदेल सिंह सुनेरिया, उपनिरीक्षक राजेन्द्र गौंड, सउनि असलम खान, सउनि कैलाश डांडे, सउनि रामकृष्ण रघुवंशी, प्रधान आरक्षक सतीश जैन, प्रधान आरक्षक प्रदीप रघुवंशी, आरक्षक देवेन्द्र जाटव, आरक्षक विनोद कुशवाह एवं महिला आरक्षक दीपशिखा लोधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
