2025 के पदोन्नति नियमों के आधार पर पदोन्नतियां किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण
भोपाल -
*शासन द्वारा पत्र दिनांक 25/05/26 जारी कर दिनांक 29/05/26 को X तथा Y निर्धारण के संबंध में बैठक आहूत की गयी है। इस पत्र से ऐसा संदेश जाता है कि संभवतः शासन द्वारा 2025 के पदोन्नति नियमों के आधार पर ही पदोन्नतियां करने का मन बना लिया गया है।शासन द्वारा पूर्व में माननीय हाईकोर्ट में यह अंडर टेकिंग दी गई थी कि अंतिम फैसला आने तक 2025 के पदोन्नति नियमों के आधार पर पदोन्नतियां नहीं की जायेंगी। इस पत्र से यह अर्थ भी निकलता है कि उक्त अंडर टेकिंग को अब शायद प्रभावहीन मान लिया गया है।*
*यहां पर यह उल्लेखनीय है कि सरल भाषा में X और Y का मूल्य 0 माने जाने का अर्थ है पदोन्नति में आरक्षण नहीं दिया जाना।Xऔर Y का मूल्य 01 माने जाने का अर्थ है एससी को 16% तथा एसटी को 20% आरक्षण देना जैसा कि पुराने नियमों में था। अब यदि X और Y का मूल्य 0 से 01 के बीच रखा जाता है जैसे कि 0.1,0.5,0.9 इत्यादि तो पदोन्नति में आरक्षण तो रहेगा लेकिन 16%,20% से कम रहेगा। पदोन्नति नियम 2025 में X तथा Y का मूल्य निर्धारण करने के सुस्पष्ट तथा सूक्ष्म दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं।X तथा Y का मूल्य 01 से कम रखे जाने की स्थिति में प्रक्रिया अतिजटिल रखी गयी है।*
*पदोन्नति नियम 2025 के प्रावधान ऐसे हैं कि इन नियमों के आधार पर पदोन्नतियां होने में सामान्य वर्ग को पुनः नुकसान होगा और वह नुकसान ऐसा रहेगा जिसकी भरपाई अगले 15-20 वर्ष तक नहीं हो सकेगी।यही कारण है कि सामान्य वर्ग द्वारा इन नियमों को कोर्ट में चुनौती दी गई थी लेकिन चुनौती देने के बाद भी प्रक्रियागत कारणों से कुछ रिलीफ़ नहीं मिल सका।*
*मूल समस्या यह है कि लगभग हर पदोन्नति चैनल में सबसे ऊपर के दो तीन संवर्गों में लगभग शत प्रतिशत आरक्षित वर्ग के ही अधिकारी कर्मचारी पदस्थ हो चुके हैं इसलिए पदोन्नति होगी तो ऊपर के संवर्गों में शत-प्रतिशत आरक्षित वर्ग के ही लोग पदोन्नत होंगे क्योंकि जिस संवर्ग से पदोन्नति होना है (अर्थात फीडर काडर) उसमें शत-प्रतिशत आरक्षित वर्ग के ही लोग विद्यमान हैं।मंत्रालय के उदाहरण से स्थिति स्पष्ट होगी।अंडर सेक्रेटरी में सभी आरक्षित वर्ग के हैं इसलिए सभी डिप्टी सेक्रेटरी आरक्षित वर्ग के ही बनेंगे।अंडर सेक्रेटरी की पदोन्नति डिप्टी सेक्रेटरी पर होती है। सभी अनुभाग अधिकारी आरक्षित वर्ग के हैं इसलिए सभी अंडर सेक्रेटरी आरक्षित वर्ग के बनेंगे।अनुभाग अधिकारी की पदोन्नति अंडर सेक्रेटरी पर होती है। कमोबेश यही स्थिति सभी विभागों में है। सामान्य वर्ग के लोग निचले पदों पर ही पदोन्नति पा पायेंगे। आरक्षित वर्ग के लोग आरक्षित पदों पर तो पदोन्नत होंगे ही अनारक्षित पदों पर भी आरक्षित वर्ग के ही लोग पदोन्नत होंगे। पदोन्नति नियमों में ये तीन संशोधन करने पर ही सामान्य वर्ग के साथ न्याय संभव हो सकेगा-*
*1.जिन संवर्गों में एससी-एसटी वर्ग का प्रतिनिधित्व उनके लिए निर्धारित प्रतिशत 36% से अधिक है वहां पर एससी-एसटी वर्ग की पदोन्नति तब तक नहीं की जायेगी जब तक वह प्रतिशत घटकर 36% से कम पर नहीं आ जाता।*
*2.आरक्षित वर्ग का अधिकारी कर्मचारी अनारक्षित वर्ग के पद पर नहीं जायेगा।(अनारक्षित वर्ग का अधिकारी कर्मचारी आरक्षित पद पर तो जा ही नहीं सकता)*
*3.पदोन्नतियां बंद होने में कर्मचारियों का कोई दोष नहीं था इसलिए पदोन्नतियां जब से बंद हुईं थीं उसी वर्ष 2016 से भूतलक्षी प्रभाव से दी जायें भले ही 2016 से 2026 की अवधि का लाभ काल्पनिक रूप से दिया जाये अर्थात उक्त अवधि का एरियर भले ही न दिया जाए। ऐसा विधि विभाग में किया जा चुका है।*
*सामान्य वर्ग की उक्त आपत्तियों को नजरंदाज कर पदोन्नतियां की जाती है तो यह अत्यंत निराशाजनक है।*
*इंजी सुधीर नायक,अध्यक्ष*
*मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ*
