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जनसुनवाई में नई व्यवस्था से मिलेगा त्वरित समाधान, आवेदकों को मौके पर ही दी जा रही कार्रवाई की जानकारी

जनसुनवाई में नई व्यवस्था से मिलेगा त्वरित समाधान, आवेदकों को मौके पर ही दी जा रही कार्रवाई की जानकारी



गुना 

आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जनसुनवाई में नई कार्यप्रणाली लागू की गई है। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत जनसुनवाई को सेक्टरवार व्यवस्थित किया गया है, जिससे आवेदकों की समस्याओं का समाधान अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ किया जा सके।

विभाग एवं सेक्टरवार बैठाए गए अधिकारी

कलेक्टर श्री कन्याल ने बताया कि अब जनसुनवाई में अधिकारियों को विभाग एवं सेक्टर के अनुसार बैठाया गया है। राजस्व विभाग से संबंधित प्रकरणों के लिए जिले के चारों अनुविभागों के अलग-अलग कंप्यूटर, ऑपरेटर तथा संबंधित अधिकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहते हैं, जिससे आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई संभव हो पा रही है।

मौके पर ही हो रही आवश्यक कार्रवाई

उन्होंने बताया कि यदि कोई आवेदक सीमांकन या अन्य राजस्व संबंधी शिकायत लेकर आता है तो संबंधित अधिकारी उसी समय क्षेत्र के पटवारी एवं राजस्व अमले से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करता है। इसके बाद आवेदक का नाम एवं मोबाइल नंबर दर्ज कर उसे सीमांकन अथवा अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए निश्चित तिथि प्रदान की जाती है। इससे आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्पष्ट जानकारी मिल जाती है।

विभागवार सुनवाई से बढ़ी कार्यक्षमता

कलेक्टर श्री कन्याल ने बताया कि विभिन्न विभागों के मामलों को अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित कर जनसुनवाई व्यवस्था का विकेंद्रीकरण किया गया है। इससे संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर ही प्रकरणों की सुनवाई कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं। जनसुनवाई में मुख्य रूप से राजस्व, पंचायत, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, पुलिस तथा विद्युत विभाग से जुड़े प्रकरण प्राप्त होते हैं।

त्वरित समाधान और संतुष्टि पर फोकस

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना, आवेदकों की संतुष्टि बढ़ाना तथा प्रकरणों के निस्तारण की गति में वृद्धि करना है। कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि अधिकांश मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर ही हो जाए तथा उनके समक्ष केवल वही प्रकरण प्रस्तुत हों, जिनका निराकरण अधीनस्थ स्तर पर संभव नहीं हो पाया हो। नई व्यवस्था से जनसुनवाई अधिक परिणाममुखी एवं जनहितकारी बन रही है।

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