कुम्भराज थाना पुलिस की सतर्कता एवं सूझबूझ से मासूम की हत्या का सनसनीखेज खुलासा
*पारिवारिक रंजिश बनी मासूम की मौत का कारण*
*भाइयों एवं माता-पिता को झूठे हत्या प्रकरण में फंसाने के लिए पिता ने साजिशन अपने खुद के बेटे की गला घोंटकर की थी हत्या,*
*पुलिस की निष्पक्ष विवेचना से हुआ पर्दाफाश, आरोपी पिता गिरफ्तार*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल, संवेदनशील एवं प्रभावी नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में गंभीर एवं जघन्य अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त एवं निष्पक्ष कार्यवाही की जा रही है एवं प्रत्येक प्रकरण की वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक विवेचना सुनिश्चित करते हुए अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जा रहा है । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में कुम्भराज थाना पुलिस ने ढाई वर्षीय मासूम बालक की संदिग्ध मृत्यु के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया गया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 25 जून 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुम्भराज में एक ढाई वर्षीय बालक को मृत अवस्था में लाया गया था । बालक की मृत्यु संदिग्ध प्रतीत होने पर कुम्भराज थाना पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर विस्तृत जांच प्रारंभ की । पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की मृत्यु गला दबाकर किए जाने से होना सामने आने पर पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से गहन विवेचना प्रारंभ की ।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक बलाके के परिजनों एवं संबंधित व्यक्तियों से पृथक-पृथक पूछताछ की । विवेचना के दौरान बालक के पिता मनोज साहू के कथनों में लगातार विरोधाभास पाए जाने पर उससे वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक आधार पर गहन पूछताछ की गई । पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने स्वयं अपने पुत्र की गला दबाकर हत्या करना स्वीकार कर लिया । जिसने बताया कि उसका अपने भाइयों एवं माता-पिता से मकान के हिस्से एवं किराये को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था । साथ ही उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था । इसी कारण उसने अपने ही मासूम पुत्र की हत्या कर अपने भाइयों एवं माता-पिता को झूठे हत्या प्रकरण में फंसाने की साजिश रची थी ।
जांच में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर कुम्भराज थाना पुलिस ने आरोपी मनोज पुत्र रामविलास साहू (उम्र 33 वर्ष), निवासी गीतानगर कॉलोनी, कुम्भराज, जिला गुना के विरुद्ध अपराध क्रमांक 103/26 अंतर्गत धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया ।
इस गंभीर एवं संवेदनशील प्रकरण के सफल खुलासे में कुम्भराज थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, उपनिरीक्षक होतम सिंह बघेल, भमावद चौकी प्रभारी सउनि राजीव गौर, सउनि तुलाराम जाटव, प्रधान आरक्षक शिवशंकर तथा आरक्षक सत्येन्द्र गुर्जर, सुनील धाकड़, अवनीश जाट, दिलीप धाकड़, सत्येन्द्र रावत, धर्मवीर रावत एवं जालम डाबर की सराहनीय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
गुना पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी जघन्य अपराध को छिपाने अथवा निर्दोष व्यक्तियों को झूठे प्रकरण में फंसाने का कोई भी प्रयास कानून से नहीं बच सकता । अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, गुना पुलिस निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना के माध्यम से सत्य को सामने लाकर दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है ।
