मोहर्रम पर्व पर गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल की अभिनव पहल बनी जनसहभागिता का प्रेरक उदाहरण
*सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी, पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संभाली ड्यूटी*
*अनुभव और ऊर्जा के समन्वय से कानून-व्यवस्था को मिली मजबूती*
जिले में मोहर्रम पर्व के दौरान शांति, सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में एक अभिनव एवं प्रेरणादायी पहल की गई । इस नवाचार के तहत जिले के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने स्वेच्छा से पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विभिन्न संवेदनशील स्थलों एवं ताजिया मार्गों पर ड्यूटी का दायित्व निभाया ।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा की गई इस अनूठी पहल का उद्देश्य सेवानिवृत्त पुलिसजनों के वर्षों के अनुभव का सकारात्मक उपयोग करते हुए वर्तमान पुलिस बल को सहयोग प्रदान करना तथा समाज में पुलिस और नागरिकों के बीच सहभागिता एवं विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करना था । इस पहल को सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक स्वीकार करते हुए पूरे समर्पण एवं अनुशासन के साथ अपनी सेवाएँ प्रदान कीं ।
मोहर्रम जुलूस के दौरान सेवानिवृत्त पुलिसजनों ने वर्तमान पुलिस बल के साथ समन्वय स्थापित कर यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं आमजन को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । उनके अनुभव एवं व्यवहारिक ज्ञान से ड्यूटी पर तैनात जवानों को भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे संपूर्ण व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित रही ।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के समर्पण, अनुशासन एवं सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस सेवा से सेवानिवृत्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जबकि समाज और राष्ट्र के प्रति सेवा का भाव जीवनभर बना रहता है । ऐसे अनुभवी पुलिसजन आज भी पुलिस परिवार का अभिन्न अंग हैं और आवश्यकता पड़ने पर उनका सहयोग वर्तमान पुलिस व्यवस्था के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं उपयोगी सिद्ध होता है ।
सेवानिवृत्त पुलिसजनों में निरीक्षक सत्यप्रकाश वर्मा, निरीक्षक बृजमोहन कुशवाह, उपनिरीक्षक राजेन्द्र शर्मा, उपनिरीक्षक रामगोपाल साहू, उपनिरीक्षक जगदीश साहू, उपनिरीक्षक जगदीश मौर्य, उपनिरीक्षक प्रतिपाल सिंह, प्रधान आरक्षक नंदकिशोर पालीवाल, प्रधान आरक्षक परमाल सिंह आदि के द्वारा पुलिस के साथ ड्यूटी पर तैनात रहे ।
गुना पुलिस की इस अभिनव पहल ने यह संदेश दिया कि समाज में शांति, सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस का ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का दायित्व है । सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि अनुभव, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का समन्वय किसी भी चुनौतीपूर्ण दायित्व को सफलतापूर्वक निभाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।
गुना पुलिस द्वारा किया गया यह नवाचार जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसकी सर्वत्र सराहना की जा रही है । यह पहल भविष्य में भी विभिन्न अवसरों पर समाज एवं पुलिस के मध्य सहयोग, विश्वास एवं सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी ।

