म्याना थाना पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही
*दवंगई दिखाकर शराब के लिए रुपये मांगकर मारपीट करने वाले तीन आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में विभिन्न आपराधिक गतिविधयों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध सतत एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशंत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया एवं उनकी टीम द्वारा दवंगई दिखाकर शराब के लिए रुपये मांगकर मारपीट के एक मामले में तत्परता से कार्यवाही करते हुए चंद घंटों में ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है ।
आज दिनांक 28 जून 2026 को फरियादी बृजेश कुशवाह निवासी छापर मोहल्ला, म्याना के द्वारा म्याना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आज भूरा, मंगलिया, रवि एवं कबूला कुशवाह ने शराब पीने के लिए उससे एक हजार रुपये की मांग की । उसके द्वारा रुपये देने से मना करने पर उसकी केबल ले जाने की धमकी दी तथा गाली-गलौज करते हुए लाठी से मारपीट की गई । जिसकी की रिपोर्ट पर से आरोपीगणों के विरूद्ध म्याना थाने में अपराध क्रमांक 162/26 धारा 119(1), 296(ए), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई ।
आरोपियों की तलाश में म्याना थाना पुलिस के तत्पर एवं अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप रिपोर्ट के कुछ घंटों के भीतर तीन आरोपी 1-कबूला पुत्र पप्पू उर्फ प्रकाश उर्फ छिपकली कुशवाह उम्र 24 वर्ष, 2-रवि पुत्र पप्पू उर्फ प्रकाश उर्फ छिपकली कुशवाह उम्र 22 वर्ष एवं 3-मंगलिया पुत्र पप्पू उर्फ प्रकाश उर्फ छिपकली कुशवाह उम्र 19 वर्ष निवासीगण छापर मोहल्ला, म्याना को गिरफ्तार कर लिया एवं फरार अंतिम आरोपी भूरा कुशवाह की तलाश जारी है ।
गुना पुलिस जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं निष्पक्ष कार्यवाही के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है । आमजन से भी अपील है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्यवाही की जा सके ।
म्याना थाना पुलिस की इस तत्पर और प्रभावी कार्यवाही में थाना प्रभारी बृजमोहन सिहं भदौरिया, उपनिरीक्षक राजेन्द्र गौंड, सउनि विजय सिहं परिहार, सउनि असलम खान, प्रधान आरक्षक कमल किशोर चंदेल, प्रधान आरक्षक सतीष जैन, प्रधान आरक्षक अखिल शर्मा, आरक्षक देवेन्द्र जाटव, आरक्षक रंजीत सिंह, आरक्षक शिवकुमार वर्मा एवं आरक्षक रामकृष्ण जाटव की सराहनीय भूमिका रही है ।
