बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन जरूरी, श्रेष्ठ भार्गव की उपलब्धि पर बोले कलेक्टर
गुना। संस्कृत एवं वैदिक परंपरा के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले बाल प्रतिभा मास्टर श्रेष्ठ भार्गव ने कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री कन्याल ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा एवं वैदिक ज्ञान के प्रति बच्चों की बढ़ती रुचि समाज के लिए सकारात्मक संकेत है।
मास्टर श्रेष्ठ भार्गव ने कम आयु में सैकड़ों संस्कृत मंत्र, श्लोक एवं वैदिक वचनों को कंठस्थ कर विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर प्रभावशाली वाचन की अपनी विलक्षण क्षमता के आधार पर "वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया" में अपना नाम दर्ज कराया है। उनकी असाधारण स्मरण शक्ति तथा संस्कृत के प्रति समर्पण को देखते हुए संस्था द्वारा उन्हें विशेष रूप से "बाल वेदज्ञ" की उपाधि से सम्मानित किया गया है।
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि ऐसी प्रतिभाएं नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने श्रेष्ठ भार्गव के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए निरंतर अध्ययन एवं साधना के माध्यम से संस्कृत और वैदिक साहित्य के प्रचार-प्रसार में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
