*अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की सतत् एवं संवेदनशील कार्यवाही*
बमौरी थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका के लापता होने के मामले में पुलिस की सक्रिय कार्यवाही
*किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेदनशील, मानवीय एवं कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों एवं महिलाओं से संबंधित अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए इन मामलों में लगातार प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में बमौरी थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका के लापता होने के मामले में सक्रियता का परिचय देते हुए बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिजनों से मिला दिया है ।
गौरतलब है कि दिनांक 07 जून 2026 को जिले के बमौरी थाने पर एक पिता द्वारा अपनी 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के दिनांक 06 जून 2026 की रात से लापता होने संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिसकी रिपोर्ट पर से पुलिस ने थाने पर तत्काल अपराध क्रमांक 128/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की खोजबीन प्रारंभ की गई ।
नाबालिग लड़की के लापता होने की घटना को पुलिस द्वारा गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बालिका की निरंतर तलाश की गई । इसमें अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए विभिन्न तकनीकी संसाधनों एवं साइबर विश्लेषण की सहायता से बालिका की सभी संभावित स्थानों पर सतत खोजबीन की गई । बालिका की तलाश में पुलिस की सतत् मेहनत, सूझबूझ एवं प्रभावी रणनीति के परिणामस्वरूप आज दिनांक 24 जून 2026 को बालिका के संबंध में जानकारी मिलने पर बमौरी थाना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए अंतत: लापता बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं दस्तयाबी उपरांत विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण कर बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया । बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने उपरांत बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
बमौरी थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया, उपनिरीक्षक रचना खत्री, सउनि मौकम सिंह, आरक्षक माखन चौधरी, आरक्षक मनोज धाकड़ एवं महिला आरक्षक पूनम की विशेष भूमिका रही है ।
