"शपथ-पत्र पर 200 रूपये के ई-स्टाम्प लगाना अनिवार्य "
गुना
मध्यप्रदेश शासन द्वारा 09 सितम्बर 2025 को प्रकाशित भारतीय स्टाम्प (मध्यप्रदेश संशोधन) अधिनियम, 2025 के द्वारा प्रदेश में मुद्रांक शुल्क प्रभार्यता संबंधी अनुसूची 1-क में संशोधन किया गया है। संशोधन के द्वारा शपथ-पत्र पर लगने वाले स्टाम्प की राशि 50 रूपये बढाकर 200/- रूपये कर दिया गया है।
जिले में शपथ-पत्रों का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों से जनपद कार्यालय, तहसील कार्यालय, बिजली विभाग, बैंक, स्कूल, कॉलेज जैसे कार्यालयों में बहुतायत में किया जाता है जिससे शासन को राजस्व की प्राप्ति होती है, लेकिन नवीन अधिसूचना अनुसार शपथ-पत्र पर 200/- रूपये का स्टाम्प नहीं लगाने से राजस्व का नुकसान हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि विभिन्न शासकीय कार्यालयों, न्यायालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में आवेदक की ओर से शपथ-पत्र स्वीकार किये जाते हैं। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अनुसार प्रत्येक शासकीय लोकसेवक का कर्तव्य है कि वह उसके समक्ष प्रस्तुत होने वाले दस्तावेज शपथ-पत्र का परीक्षण इस तथ्य की पुष्टि के लिये करें कि उस पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क का भुगतान किया गया है। शासकीय अधिकारियों द्वारा शपथ-पत्र पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क का समुचित परीक्षण न किये जाने से शासन को विधिक राजस्व से अपवंचित होना पड़ रहा है।
जिला पंजीयक ने बताया कि समस्त नागरिकों को अवगत कराया जाता है कि 09 सितम्बर 2025 के लागू स्टाम्प शुल्क प्रभार्य की नवीन संशोधित अनुसूची के अनुसार 200 रूपये के ई-स्टाम्प पर ही शपथ-पत्र विधिक रूप से मान्य होंगे। शासन द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को छूट प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2015 से भौतिक स्टाम्प के स्थान पर ई-स्टाम्प की व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिसमें पक्षकार लायसेंसधारी सेवाप्रदाता के माध्यम से ई-स्टाम्प प्राप्त करता था। अब शासन ने ई-स्टाम्प प्राप्त करने की प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाते हुये नवीन सम्पदा 2.0 प्रणाली में सेवा प्रदाता की भूमिका को समाप्त करते हुये आम जनता के लिये यह सुविधा प्रदान की है कि वे स्वयं ही सम्पदा 2.0 पोर्टल से ऑनलाइन भुगतान करते हुये ई-स्टाम्प प्राप्त कर सकते हैं। शासन की इस सुविधा से भौतिक स्टाम्प पेपर की उपलब्धता में कमी से उत्पन्न होने वाली समस्या समाप्त होगी और जनसामान्य को "कहीं भी, कभी भी" स्टाम्प प्राप्त हो सकेगा। शासन द्वारा यह सुविधा अप्रैल 2025 से पूरे प्रदेश में प्रदान की गई है।
