नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान: युवाओं से नशे से दूर रहकर विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी का आह्वान
जेपी कॉलेज राघौगढ़ में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से किया संवाद, नशे के दुष्परिणामों से कराया अवगत
गुना
"नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत राघौगढ़ स्थित जेपी कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल, पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक दुबे, एसडीएम श्री अमित सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, महाविद्यालय प्रबंधन एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशे से दूर रहने तथा विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
युवाओं को नशे के कानूनी एवं सामाजिक दुष्परिणामों की दी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए सबसे पहले नारकोटिक्स एवं ड्रग्स से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कई बार युवा अनजाने में नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं, जिसका गंभीर कानूनी परिणाम भी सामने आता है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के सेवन से संबंधित मामलों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है और ऐसे मामलों में युवाओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई ऐसे युवा सामने आते हैं जिन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं होता कि वे किस गंभीर अपराध में शामिल हो गए हैं। इसलिए प्रत्येक युवा को सजग रहकर नशे से दूर रहना चाहिए।
सकारात्मक गतिविधियों से स्वयं को जोड़ें : कलेक्टर
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान हमेशा सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया और गलत संगति से स्वयं को दूर रखा। उन्होंने विद्यार्थियों से भी जीवन में सही मित्रों का चयन करने तथा अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने का आह्वान किया। उन्होंने विकसित भारत-2047 की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक युवा को यह सोचना चाहिए कि आने वाले वर्षों में वह स्वयं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से किस प्रकार सक्षम बनाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में कृषि आधारित नवाचारों एवं विभिन्न मॉडलों के माध्यम से अनेक लोगों ने 5 लाख, 8 लाख और 12 लाख रुपये तक की आय अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है। यदि युवा सही दिशा में प्रयास करें तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
कॉलेज जीवन में सजग रहने की आवश्यकता
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि महाविद्यालय का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है और इसी आयु वर्ग के युवा नशे के कारोबारियों के आसान लक्ष्य बनते हैं। नशे की लत व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य और भविष्य तीनों को प्रभावित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दें।
छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुतियों के माध्यम से दिया नशामुक्ति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा नशे के दुष्परिणामों पर आधारित प्रभावशाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से दर्शाते हुए युवाओं को स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ सामूहिक रूप से ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे, दूसरों को भी नशा करने के लिए प्रेरित नहीं करेंगे तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
एआई लैब का किया अवलोकन
कार्यक्रम के उपरांत कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने कैंपस स्थित अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लैब का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने लैब में स्थापित हाईटेक सिस्टम एवं आधुनिक तकनीकी संसाधनों की जानकारी प्राप्त की। संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस लैब के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चैटजीपीटी सहित विभिन्न एआई आधारित प्लेटफॉर्म एवं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकों के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
