गुलाब उत्पादन से किसानों की आय 30 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य : कलेक्टर
पॉलीहाउस में आधुनिक तकनीकों का प्रायोगिक प्रशिक्षण, क्लस्टर मॉडल से मिलेगा बेहतर बाजार
गुना
जिले में आधुनिक गुलाब उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार को प्रगतिशील किसान श्री शुभम चौहान के पॉलीहाउस में आयोजित विशेष प्रायोगिक कार्यशाला में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कान्याल ने किसानों से कहा कि किसी भी परियोजना की शुरुआत से पहले उसकी पूरी जानकारी और स्पष्ट कार्ययोजना होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल से कई किसान 15 लाख रुपये तक की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं, जिसे आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से 30 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने वर्तमान में 50 एकड़ में संचालित गुलाब उत्पादन को पहले 100 एकड़ और अगले पांच वर्षों में 500 एकड़ तक विस्तारित करने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।
कलेक्टर श्री कान्याल के दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन में उद्यानिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में कलेक्टर श्री कान्याल एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने किसानों को दिए जा रहे व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवलोकन किया तथा विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी प्राप्त की।
भोपाल से आए पॉलीहाउस गुलाब विशेषज्ञ एवं कंसल्टेंट श्री राहुल डोलस एवं उनकी टीम ने किसानों को पॉलीहाउस के भीतर आधुनिक गुलाब उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान पौधों की बेंडिंग, पिंचिंग, डिसबडिंग, फर्टिगेशन, सिंचाई एवं पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण पुष्प उत्पादन, कटाई, ग्रेडिंग तथा विपणन की तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया। किसानों ने विशेषज्ञों से चर्चा कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
कलेक्टर श्री कान्याल ने कहा कि जिले के युवा उद्यमिता की ओर आगे बढ़ रहे हैं और प्रशासन उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन तथा बैंक ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने किसानों से छोटे स्तर से शुरुआत कर अनुभव के साथ धीरे-धीरे विस्तार करने का आग्रह किया
उन्होंने गुलाब उत्पादन को क्लस्टर आधारित मॉडल पर विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और विपणन की सुविधाएं मिलेंगी। कार्यशाला के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने किसानों के सवालों के जवाब देते हुए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
कार्यक्रम में उद्यानिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पॉलीहाउस संचालित एवं निर्माणाधीन इकाइयों के कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। किसानों ने इस प्रकार के प्रायोगिक प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से
आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
