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श्रमण धारा प्रवचन माला जीवन में सफल होने हमे धारणा बदलना जरूरी है

 श्रमण धारा प्रवचन माला 

जीवन में सफल होने हमे धारणा बदलना जरूरी है।

मुनि संघ ने विधि विधान पूर्वक राघौगढ़ में चातुर्मास करने का संकल्प लिया।


 राघौगढ़ 27 जुलाई। दिगंबर जैन आचार्य इस सदी के महान संत आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य बुंदेली महाकवि मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने श्रमण धारा प्रवचन माला में मंगल प्रवचन करते हुए कहा मैं आपकी धारणा बदलना चाहता हूं। किसी भी व्यक्ति ने जो धारणा बना ली है उसे बदलना बहुत कठिन कार्य है। जिसकी स्वयं की बुद्धि होगी वह पूरे प्रकरण को समझ कर गंभीरता से विचार कर अपनी धारणा बदल सकता है। 

                         मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने कहा परिवार में बहू की जो भावनाएं अपने माता-पिता के प्रति होती हैं उसने अपने माता-पिता के प्रति जो श्रृद्धा की भावना बना ली है। वह बदलना कठिन कार्य है बहू की जो भावनाएं अपने माता-पिता के प्रति हैं एवं जो श्रद्धा के भाव माता-पिता के प्रति हैं वहीं श्रृद्धा के भाव अपने सास ससुर के प्रति आ जाएं तो परिवार सुखी हो जाएगा। आपने कहा आज की युवा पीढ़ी पढ़ लिखकर पैसा कमाने विदेश की ओर भाग रही है। युवा पीढ़ी में विदेश जाकर पैसा कमाने की धारणा बना लिए और अपने वृद्ध माता-पिता को छोड़कर विदेश चले गए हैं युवा पीढ़ी की इस धारणा को बदलना बहुत जरूरी है। आपने कहा पूर्व में प्रवचन में उल्लेख किया था मूर्ति में चमत्कार है, मंत्र में चमत्कार है एवं आशीर्वाद में चमत्कार है हमने कहा था इनमें चमत्कार तभी होता है जब हमारी श्रद्धा मजबूत हो। चमत्कार तो राघौगढ़ में विराजमान मूल नायक भगवान पारसनाथ की प्रतिमा में भी है हमारी श्रद्धा मजबूत होना आवश्यक है। 

                      आज 28 जुलाई चतुर्दशी के शुभ दिन नवाचार्य समय सागर जी महाराज की आज्ञा से राघौगढ़ नगर में पधारे मुनि श्रमण सागर जी एवं मुनि ओंकार सागर जी महाराज ने विधि विधान, मंत्रोच्चार, स्तुतियां कर, भगवान एवं गुरुजनों का स्मरण कर शुभ मुहूर्त में राघौगढ़ नगर में चातुर्मास करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जैन समाज राघौगढ़ के यशस्वी अध्यक्ष सिंघई अशोक कुमार भारिल्य के नेतृत्व में जैन समाज ट्रस्ट कमेटी एवं मार्गदर्शक मंडल के सदस्यों सहित प्रमुख जनों ने मुनिराज के चरणों में श्रीफल भेंट किया। कार्यक्रम संयोजक विकास कुमार जैन ने बताया है सकल दिगंबर जैन समाज राघौगढ़ द्वारा आगामी 9 अगस्त रविवार को मुनिराज की चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम दोपहर 1:00 बजे से आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में आसपास के जैन समाज को भी आमंत्रित किया जा रहा है। 29 जुलाई को मुनि संघ के पावन सानिध्य में गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। शुभ संयोग है कि इसी दिन संघस्थ मुनि ओंकार सागर जी महाराज का पावन दीक्षा दिवस है। दीक्षा दिवस पर मुनि श्री का पाद प्रच्छालन होगा एवं शास्त्र भेंट किए जाएंगे। दोनों मुनि राजों के मंगल प्रवचन भी होंगे।

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