हम गुरु आज्ञा का पालन कर गुरु के उपकार को उतार सकते हैं।
गुरु पूर्णिमा एवं मुनि ओंकार सागर जी का दीक्षा दिवस राघौगढ़ में गुरु उपकार दिवस के रूप में मनाया
राघौगढ़ 29 जुलाई। आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के दीक्षित शिष्य मुनि ओंकार सागर जी महाराज का 12वां दीक्षा दिवस गुरु पूर्णिमा के पावन दिवस जैन समाज राघौगढ़ ने गुरु उपकार दिवस के रूप में मनाया।
विद्यासागर भवन में धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि ओंकार सागर जी महाराज ने कहा हमारे दीक्षा गुरु आचार्य विद्या सागर जी महाराज का हम पर महान उपकार है उन्होंने हमें मिथ्यात्व से निकालकर मुनि दीक्षा देकर हमारा मोक्ष मार्ग प्रशस्त किया है। आपने कहा गुरु तीन प्रकार के होते हैं पहले पत्थर के समान, दूसरे माटी के दीपक के समान, तीसरी रत्न के दीप के समान।रत्न के दीप के समान जो गुरु होते हैं वह सच्चे गुरु होते हैं। वे स्वयं तो प्रकाशमान होते हैं और अपने शिष्यों को भी ज्ञान देकर प्रकाशित करते हैं। हम गुरु के गुणों को लिखनी में नहीं लिख सकते उनके गुण अपार होते हैं। हम गुरु आज्ञा का कदम कदम पर पालन कर गुरु उपकार को चुकाते हैं।
विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए ज्येष्ठ मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने कहां आज गुरु पूर्णिमा के पावन दिन हमारे लघु भ्राता मुनि ओंकार सागर जी महाराज का दीक्षा दिवस है। आचार्य विद्यासागर जी महाराज की दृष्टि पैनी रहती थी उन्होंने अतिशय क्षेत्र बीना बारहा में इन्हें एवं उनके मामा जी को दीक्षा दी उनका नामकरण हुआ संस्कार सागर जी। आपने गुरु पूर्णिमा के पावन दिवस की व्याख्या करते हुए कहा जन्म के समय मां ही पूर्ण गुरु होती है। बाद में गुरु ही पूर्ण मां होते हैं इसीलिए इस दिवस को गुरु पूर्णिमा कहते हैं
राघौगढ़ में मुनि ओंकार सागर जी का दीक्षा दिवस प्रातः 5:30 बजे उनकी आरती भक्ति कर मनाया। तत्पश्चात विशाल धर्म सभा में गुरुवर विद्यासागर जी महाराज की सामूहिक पूजन की गई। तत्पश्चात मुनि श्री का पद प्रक्षालन श्रेष्टि मनोज कुमार जितेंद्र कुमार परिवार एवं श्रेष्टि रमेश चंद नीरज कुमार भरसूलि वाले परिवार द्वारा किया गया। मुनि श्री को जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य बासौदा नगर से आए गुरु भक्त परिवार द्वारा एवं राघौगढ़ निवासी जिनेश कुमार मुकेश कुमार जैन जनता परिवार को मिला।
महाराजपुर जिला सागर से मुनि ओंकार सागर जी महाराज के गृहस्थ जीवन के परिजन पधारे। गंजबासौदा, सुसनेर, नलखेड़ा, कुंभराज, साडा कॉलोनी, डोंगर से भी भक्तगण पधारे और सभी ने मुनिराज जी के दीक्षा दिवस पर उनके चरणों में श्रीफल भेंट किया। जैन समाज राघौगढ़ द्वारा बाहर से पधारे अतिथियों का पगड़ी पहनाकर अंग वस्त्र पहनाकर, माला पहनाकर सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन विकास कुमार जैन ने किया। इस अवसर पर आपने उल्लेख किया कि 30 जुलाई को मुनि संघ के पावन सानिध्य में राघौगढ़ नगर में प्रातः 8:30 बजे से वीर शासन जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
