विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ समाज के साथ जिला प्रशासन का संवाद, ग्राम चौपाल में सुनीं समस्याएं
शिक्षा, रोजगार, नशामुक्ति एवं अपराधमुक्त समाज निर्माण का दिया संदेश
गुना
जिले में विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ समाज को शासन की जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने तथा उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा बुधवार को तहसील कुंभराज के ग्राम बिरियाई में ग्राम चौपाल एवं सामाजिक संवाद सह रोजगार उन्मुख सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, पुलिस अधीक्षक हितिका वासल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक दुबे सहित जिला स्तरीय अधिकारियों ने सहभागिता कर समाज के लोगों से सीधा संवाद किया।
ग्राम चौपाल को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि ग्राम चौपाल ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुनना, उनका त्वरित निराकरण करना तथा पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी समस्याएं एवं सुझाव खुलकर रखने तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया। कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपराध एवं नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा बच्चों को शिक्षित कर मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन क्षेत्र में 12वीं तक विद्यालय की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
ग्रामीणों द्वारा पेयजल समस्या उठाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दो से तीन दिवस के भीतर पानी के लिये बोर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण के महत्व पर बल देते हुए तालाबों के निर्माण, गहरीकरण एवं संरक्षण के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि इन कार्यों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से मत्स्य पालन एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने का आग्रह करते हुए बताया कि जिले में अनेक किसान प्राकृतिक खेती से बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।उन्होंने गुलाब की खेती, अमरूद एवं खेती में हो रहे नवाचार की जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अमिताभ मिश्र ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने समाज के लोगों से अपराध की दुनिया छोड़कर शिक्षा, रोजगार एवं सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान करते हुए विश्वास दिलाया कि जिला न्यायालय एवं प्रशासन उनके पुनर्वास और विकास के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने अपराधमुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में सभी की सहभागिता पर बल देते हुए समाज के लोगों से अपराध एवं नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थितजनों को अपराधमुक्त समाज के निर्माण, कानून का पालन करने तथा नशामुक्त जीवन अपनाने की शपथ भी दिलाई।
चौपाल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी गई। कौशल विकास विभाग ने आईटीआई पाठ्यक्रमों, कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी साझा की। रोजगार विभाग ने विभिन्न रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं से अवगत कराया। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की सफल गतिविधियों एवं प्रगतिशील किसानों के अनुभवों को साझा कर ग्रामीणों को आजीविका संवर्धन एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में एसडीएम चांचौडा़ श्री अमित सोनी सहित अन्य अधिकारी आमजन उपस्थित थे।
